महिलाओं को करना चाहिए तनाव रहित, हर्बल जड़ी बूटियां व संतुलित भोजन

Aanchalik khabre
By Aanchalik khabre
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तनाव रहित व संतुलित भोजन की जरुरत
तनाव रहित व संतुलित भोजन की जरुरत

 डॉ. सिमरन देवगन ने बताया कि महिलओं को तनाव रहित व संतुलित भोजन करना चाहिए

बाबू अनन्त राम जनता महाविद्यालय में रेड क्रॉस सोसाइटी, महिला प्रकोष्ठ व गणित विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयुर्वेद एवं महावारी विषय पर एक प्रेरक ज्ञानवर्धक वक्तव्य का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल के मार्गदर्शन, उप-प्राचार्य डॉ. ईश्वर सिंह सागवाल की अध्यक्षता व रेड क्रॉस सोसाइटी की संयोजिका, गणित विभाग अध्यक्षा डॉ. कोमल रानी व महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. पुष्पा की देखरेख में किया गया।

तनाव रहित व संतुलित भोजन की जरुरत
तनाव रहित व संतुलित भोजन की जरुरत

उप-प्राचार्य डॉ. ईश्वर सिंह सागवाल ने कार्यक्रम में पहुंचे मुख्या वक्ता डॉ. सिमरन देवगन को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत व अभिनंदन किया। उन्होंने सभी छात्राओं को अपने उद्बोधन में कहा कि हमें हमेशा हमारे सांस्कृतिक मूल्य के साथ-साथ आयुर्वेद का अनुसरण करना चाहिए, ताकि हम बदलते परिवेश में अनेक बीमारियों से बच सके।

डॉ. सिमरन देवगन ने महिलाओं के खानपान(संतुलित भोजन) एवं जीवन शैली से प्रभावित स्वास्थ्य के बारे में बात की

संतुलित भोजन की जरुरत
संतुलित भोजन की जरुरत

यह प्रेरक व्याख्यान डॉ. सिमरन देवगन (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हरियाणा) द्वारा प्रदान किया गया। डॉ. सिमरन ने सभी छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि आज के आधुनिकता के दौर में खानपान एवं जीवन शैली ने महिलाओं के स्वास्थ्य को बहुत ही बुरी तरह से प्रभावित किया है। खराब दिनचर्या एवं केमिकल से युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से महिलाओं के मासिक चक्र में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। जिसके कारण आज महिलाएं अनेक बीमारियों का सामना कर रही है।

जिन महिलाओं के शरीर में हारमोंस का संतुलन बिगड़ जाता है तो उनको महावारी में अनेक समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। यदि महिलाएं चिंता, असंतुलित भोजन, शारीरिक काम न करना, धूम्रपान, अधिक मात्रा में गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती है तो उनके मासिक धर्म पर इनका बुरा प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्राचीन आयुर्वेद व हमारी भारतीय संस्कृति के अनुसार यदि महिलाएं अपने जीवन शैली में कुछ बदलाव करें, अपने खान-पान में थोड़ा सा संयम रखें तो मासिक धर्म की उभरती हुई समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए महिलाओं को हमेशा तनाव रहित, हर्बल जड़ी बूटियां व संतुलित भोजन करना चाहिए।

कार्यक्रम में मंच के सफल संचालन के दायित्व का निर्वहन डॉ. कोमल रानी ने बखुबी किया। कार्यक्रम के अंत में महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. पुष्पा ने मुख्य वक्ता डॉ. सिमरन देवगन, समस्त शिक्षकगण व सभी छात्राओं का मंच की ओर से धन्यवाद किया।

जोगिंद्र सिंह, निसिंग 

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