बरेली कैंट के धोपेश्वर नाथ मंदिर के पुजारी की हत्या का मामला एक बार फिर सुर्खिया बटोर रहा है दरसल इस बार तत्कालीन मुंशी हवलदार सिंह पर अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज हुई है।बताया जा रहा है पुजारी के पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्य से जुड़ी सीडी गायब हो गई है।
बरेली के कैंट धोपेश्वर नाथ मंदिर परिसर में 14 फरवरी 2010 को उस समय हड़कंप मच गया था। जब मंदिर के पुजारी गोकरण नाथ गिरी का शव मंदिर के जलाशय में मिला था। तब परिवार के लोगों ने एक जनप्रतिनिधि पर मंदिर की संपत्ति के चलते हत्या करने का आरोप लगा था। हालांकि सीबीसीआईडी की जांच में जनप्रतिनिधि बेकसूर निकले थे। बाद में इस मामले की सीबीआई ने सिरे से जांच शुरू की थी। लेकिन अब यह मामला एक बार फिर इसलिए सुर्खियां बटोर रहा है क्योंकि सीबीआई की टीम नए सिरे से साक्ष्य जुटा रही है। इसी बीच कैंट इंस्पेक्टर अवनीश यादव रिटायर हो चुके है जबकि उस समय के मुंशी हवलदार सिंह के खिलाफ अमानत में।खयानत की रिपोर्ट दर्ज हुई है।बताया यह भी जा रहा है कि मंदिर के पुजारी के पोस्टमार्टम और अन्य प्रक्रिया से जुड़ी वीडियो गायब हो चुके है।