31 जनवरी के बाद शौचालय निर्माण के लिए नहीं मिल पाएगी सरकारी सहायता-आंचलिक ख़बरें-संजय सोनी

News Desk
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झुंझुनू।भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2019 को देश को खुले में शौच से मुक्त घोषित किए जाने के बाद जिले के कुछ परिवार शौचालय निर्माण से वंचित रह गए थे।इन परिवारों के नाम अब शौचालय विहीन सूची में जोड़कर स्वीकृति जारी की जा चुकी है।स्वीकृति जारी करने के बाद अब 31 जनवरी तक इनको शौचालयों का निर्माण पूर्ण करवाना पड़ेगा अन्यथा यह समझा जायेगा कि इनके पास शौच करने के लिए कोई अन्य शौचालय का विकल्प मौजूद है।ऐसे ग्रामीणों को शौचालय युक्त परिवार मानकर निर्माण के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि निरस्त कर दी जाएगी। जिले में खुली जगह पर सोच करने व निर्धारित अवधि में शौचालय का निर्माण नहीं करने पर ग्राम पंचायत द्वारा ऐसे लोगों से निर्धारित जुर्माना राशि वसूलने के साथ मिलने वाली राजकीय योजनाओं से वंचित भी होना पड़ सकता है।जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामनिवास जाट ने 301 ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों से यह प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा रहा है कि “अब ग्राम पंचायत में कोई शौचालय विहीन परिवार शेष नहीं है” 31 जनवरी के बाद बेसलाइन सर्वे बंद होने के कारण शौचालय के लिए किसी भी परिवार को सरकारी सहायता के रूप में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 12 हजार नहीं मिलेगी तथा खुले में शौच करने वालों को चिन्हित किया जाकर उन्हें मिलने वाली सरकारी सहायता से वंचित किया जा सकता है।ग्राम पंचायतों द्वारा इस सम्बंध में उपविधियाँ अंगीकार की गई है कि ऐसे लोगों को जुर्माने से दंडित किया जाए।इसके साथ ही समस्त शौचालय का निर्माण पूर्ण करवा कर जिओ टैग भी करना पड़ेगा।जिले में अब तक वर्ल्ड बैंक एड से 110, महात्मा गांधी नरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से 4713, निर्मल भारत अभियान से 16469 व स्वच्छ भारत मिशन योजना अंतर्गत 53587 इस प्रकार कुल 76596 शौचालयों का निर्माण हो चुका है।शेष रहे 16378 शौचालय जल्द ही पूर्ण होंगे।जनवरी के बाद राज्य सरकार द्वारा बेसलाइन सर्वे में ऑनलाइन नाम हटाने व जोड़ने से संबंधित कार्य बंद कर दिया जाएगा।

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