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एक युवाओं की टीम जो एक नया आयाम लेकर समाज के बीच जी जान से बदलाव के लिए कार्य कर रही है बेटियों के लिए एक नया संकल्प लेकर समाज की मानसिकता बदलने का प्रयास कर रही है देवास जिले के खातेगांव तहसील के कई गांवों में विश्व महिला दिवस के उपलक्ष में 1 युवाओं की टीम पिछले 5 दिनों से अलग-अलग गांव में जाकर चौपाल लगाकर लोगों की मानसिकता को बदलने का प्रयास कर रही है चौपाल के माध्यम से वह लोगों को यहां समझाने का प्रयास कर रहे हैं जिस तरह ग्रामीण अंचलों में रहने वाली गरीब आदिवासी बच्चियों की पढ़ाई बारहवीं कक्षा के बाद रुक जाते हैं उन्हें पढ़ाया नहीं जाता है यह मानसिकता गलत अवधारणाओं को जन्म देती हैं यहां अवधारणा खत्म होनी चाहिए और बेटियों को भी पढ़ा कर आत्मनिर्भर बनाना चाहिए युवाओं की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल लगाकर उन बेटियों की समस्याओं को निकालने का प्रयास कर रही हैं ताकि उन समस्याओं को समझ कर उनका हल निकाल सके अभी युवाओं की टीम अलग-अलग गांव से ऐसी बच्चियों की सूची एकत्रित कर रही है जिनकी पढ़ाई रुक चुकी है या फिर अभी 12वीं कक्षा में है और उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास कर रही है. युवाओं की टीम के प्रमुख अर्पित तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि समाज की मानसिकता और लोगों की अवधारणाओं बदलने के लिए तथा एक अच्छे समाज के निर्माण के लिए जहां बेटियों को सम्मान मिल अच्छी शिक्षा में बेटियां भी आत्मनिर्भर इस उद्देश्य को लेकर हम कार्य कर रहे हैं जब हम चौपाले लगाते हैं तो कई समस्याएं बाहर निकल कर आती है और लड़कियां बताती है कि कभी-कभी पारिवारिक मुद्दे कभी पैसों की कमी कभी समाज की मानसिकता हमें केवल अपने गांव तक ही सीमित रखती बाहर निकलने ही नहीं देती हमने उन समस्याओं को जानने का प्रयास किया है और हम लोग एक प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं जिसके तहत बालिकाओं को छोटे-छोटे रोजगार उपलब्ध करा कर आत्मनिर्भर बनाएंगे ताकि उनकी अपने परिवार के बीच एक महत्त्व ताकि वह अपनी बात को स्वतंत्रता से रख सके और आगे भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकें.
बालिकाओं पर पिछले 2 महीनों से निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे मानसी पारे जिन्होंने अभी तक कई लड़कियों की समस्या को जाना और उन्हें समझाया और कई लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया आज उनसे प्रेरित होकर कई लड़कियां जो अपनी पढ़ाई बंद कर चुकी थी उन्होंने अपना पढ़ाई की और अपना कदम बढ़ाया मानसी पारे का मानना है एक अच्छे समाज का निर्माण के लिए अति आवश्यक बेटी हो या बेटा सभी को मिलना चाहिए केवल बेटे ही समाज को नहीं बदल सकते हम युवा है युवा चाहे बेटी हो या बेटा हम सभी को आगे आकर कार्य करना है