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लखीमपुर खीरी । गैंगेस्टर एक्ट में विगत वर्ष के 54 मुकदमों की अपेक्षा वर्ष 2019 में 59 मुकदमे दर्ज किए गए। वहीं रासुका के तहत कार्यवाही में विगत वर्ष के 2 की जगह वर्ष 2019 में 9 कार्यवाही हुई। एनडीपीएस के तहत विगत वर्ष के 58 मुकदमों की अपेक्षा 90 मुकदमें पंजीकृत हुए। वहीं शस्त्र अधिनियम के अंतर्गत विगत वर्ष के 361 के स्थान पर 459 मुकदमे दर्ज हुए। जुआ अधिनियम में विगत वर्ष के 111 की अपेक्षा वर्ष 2019 में 124 मुकदमे दर्ज हुए। आबकारी अधिनियम में विगत वर्ष के 2271 मुकदमों की जगह 2574 मुकदमें दर्ज हुए। गुंडा अधिनियम के अंतर्गत विगत वर्ष के 236 की अपेक्षा वर्ष 2019 में 270 मुकदमे दर्ज किए गए। साथ ही वर्ष 2019 में 20 हिस्ट्रीशीट खोली गई जबकि विगत वर्ष यह संख्या 9 थी। साथ ही वर्ष 2019 में विगत वर्ष की अपेक्षा 01 अधिक गैंग पंजीकृत कर कुल 17 गैंग पंजीकृत हुए।
निरोधात्मक कार्यवाही के परिणामस्वरूप क्राइम के ग्राफ में भारी कमी आई है। वर्ष 2019 में हत्या के 77 मुकदमें पंजीकृत हुए जबकि विगत वर्ष यह संख्या 88 थी। वर्ष 2019 में लूट के 18 मुकदमे पंजीकृत हुए जो विगत वर्ष के 22 से 4 कम हैं। दहेज हत्या के तहत वर्ष 2019 में 51 मुकदमे पंजीकृत हुए जो वर्ष 2018 में 64 था। 2019 में फिरौती हेतु अपहरण की कोई घटना नहीं हुई। अपहरण के 2019 में 322 मुकदमे दर्ज हुए जबकि 2018 में 410 दर्ज हुए थे। साथ ही वर्ष 2019 में वाहन चोरी के 355 मुकदमे दर्ज हुए जबकि यह 2018 में 409 था। अन्य चोरी की घटना में भी 2019 में भारी कमी आयी, इस वर्ष चोरी के 164 मुकदमे दर्ज हुए जबकि विगत वर्ष 206 मुकदमे दर्ज हुए थे।

