राकेश जैन
गुना। पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी के निर्देशन में बजरंगगढ़ थाना पुलिस ने एक संवेदनशील मामले में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार की अगुवाई में एक विशेष टीम ने अपहृत 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को राजस्थान के बारां जिले से सुरक्षित बरामद किया और आरोपी चंद्रभान सिंह यादव को गिरफ्तार किया है।
तकनीकी निगरानी और रणनीतिक कार्रवाई
यह मामला 21 अगस्त 2025 को थाना बजरंगगढ़ में दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक श्री सोनी के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर और सीएसपी श्रीमती प्रियंका मिश्रा की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र का उपयोग करते हुए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की और 29 अगस्त को राजस्थान के मोतीपुरा क्षेत्र से नाबालिग को सुरक्षित निकालने में सफलता प्राप्त की।
पीड़िता का बयान और आरोपी की रणनीति
पूछताछ के दौरान पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ले जाता रहा, जिससे पुलिस की खोजबीन में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इस मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 87 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (RJ28 SZ 0503) को भी जब्त कर लिया गया है।
सामूहिक सफलता में योगदान
इस ऑपरेशन की सफलता में उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण, राजेश शुक्ला, मुकेश पाराशर, अंजू तोमर, आरक्षक अभयराज रघुवंशी, राजकुमार रघुवंशी, भूपेंद्र गुर्जर और महिला आरक्षक सपना रघुवंशी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक श्री सोनी द्वारा नाबालिग की सफल बरामदगी पर टीम के लिए 5000 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस दक्षता का परिचय
यह मामला गुना पुलिस की कुशल तकनीकी निगरानी, सूचना तंत्र और रणनीतिक कार्यप्रणाली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस सफलता ने न केवल नाबालिग को न्याय दिलाया है, बल्कि अन्य अपराधियों के लिए भी एक चेतावनी का कार्य किया है। गुना पुलिस का यह प्रयास नागरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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