प्रयागराज में माघ मेला 2026 इस बार केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि इतिहास रचने वाला महापर्व बनने जा रहा है। प्रशासनिक अनुमान के अनुसार इस बार 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। इसी को देखते हुए माघ मेले की तैयारियां पूरी तरह महाकुंभ मॉडल पर की जा रही हैं।
प्रयागराज संगम नगरी में माघ मेला 3 जनवरी 2026 से विधिवत शुरू होने जा रहा है। इस अवसर पर मेला प्रशासन द्वारा माघ मेला का आधिकारिक लोगो भी जारी कर दिया गया है, जो आस्था और संस्कृति के संगम को दर्शाता है। लोगो में इस बार भगवा रंग की प्रधानता रखी गई है, जो सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।
- प्रयागराज में माघ मेला 2026 इस बार केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि इतिहास रचने वाला महापर्व बनने जा रहा है। प्रशासनिक अनुमान के अनुसार इस बार 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। इसी को देखते हुए माघ मेले की तैयारियां पूरी तरह महाकुंभ मॉडल पर की जा रही हैं।
- सीएम योगी ने किया पूजा-अर्चना से शुभारंभ
- कुंभ जैसी दिव्यता, माघ मेले में दिखेगा भव्य स्वरूप
- कल्पवासियों के लिए विशेष इंतजाम
- आस्था, परंपरा और आधुनिक व्यवस्था का संगम
- देश-दुनिया की निगाहें प्रयागराज पर
सीएम योगी ने किया पूजा-अर्चना से शुभारंभ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले की तैयारियों का पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन हर स्तर पर यह सुनिश्चित कर रहा है कि श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें और किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। सीएम योगी के नेतृत्व में माघ मेला अब आस्था के साथ-साथ सुशासन का भी उदाहरण बनने जा रहा है।
कुंभ जैसी दिव्यता, माघ मेले में दिखेगा भव्य स्वरूप
महाकुंभ 2025 के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार माघ मेला अस्थायी शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। संगम क्षेत्र में—
चौड़ी और मजबूत सड़कें
आधुनिक घाटों का निर्माण
24 घंटे बिजली और शुद्ध पेयजल आपूर्ति
लाखों श्रद्धालुओं के लिए शौचालय और स्नान व्यवस्था
स्वास्थ्य शिविर, एंबुलेंस और आपात चिकित्सा सेवाएं
सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, ड्रोन और पुलिस बल की तैनाती
स्वच्छता के लिए विशेष सफाई अभियान
जैसी तमाम व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
कल्पवासियों के लिए विशेष इंतजाम
माघ मेले की आत्मा माने जाने वाले कल्पवास को लेकर प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है। संगम तट पर कल्पवासियों के लिए रहने, भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालु पूरे महीने नियम, संयम और साधना के साथ जीवन यापन कर सकें, इसके लिए हर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
आस्था, परंपरा और आधुनिक व्यवस्था का संगम
प्रयागराज का माघ मेला सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत प्रतीक है। इस बार यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और प्रशासनिक क्षमता का भी भव्य उदाहरण बनने जा रहा है।
देश-दुनिया की निगाहें प्रयागराज पर
माघ मेला 2026 में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु और पर्यटक प्रयागराज पहुंचेंगे। संगम स्नान, संत-महात्माओं के प्रवचन, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस मेले को अद्वितीय और ऐतिहासिक बनाएंगे।
कुल मिलाकर, माघ मेला 2026 प्रयागराज के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है, जहां आस्था भगवा रंग में रंगी संगम की रेत पर इतिहास खुद लिखा जाएगा।

