भारत की आध्यात्मिक हिंदू राजनीति के लिए शुभ संकेत : बी.एन. तिवारी
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री ललित अग्रवाल ने सांसारिक जीवन से धार्मिक-आध्यात्मिक जीवन की ओर कदम बढ़ाते हुए महामंडलेश्वर पद प्राप्त किया है। दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित बेला रोड पर श्री अवधूत सेवा संघ आश्रम में जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय धर्माचार्य एवं महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी मंगलानंद जी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनका महामंडलेश्वर विधान संपन्न कराया।
जूना अखाड़ा में महामंडलेश्वर बनाए जाने के साथ ही स्वामी मंगलानंद जी महाराज ने ललित अग्रवाल का नाम परिवर्तित कर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर ललितानंद रखा। इस अवसर पर हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने उन्हें कोटि-कोटि शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। यह जानकारी हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी.एन. तिवारी ने जारी बयान में दी।
संघर्षों से भरा रहा जीवन : रविंद्र कुमार द्विवेदी
जारी बयान के अनुसार, हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार द्विवेदी ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी, हिंदू पत्रकार रत्न से सम्मानित ललित अग्रवाल का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में न केवल राजस्थान बल्कि देश-विदेश में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
राजस्थान के जोधपुर में जन्मे ललित अग्रवाल का पत्रकारिता से विशेष लगाव रहा। सजग, जागरूक और समर्पित पत्रकार होने के साथ-साथ उनका झुकाव हिंदू राजनीति की ओर भी रहा, जिसके चलते वे अखिल भारत हिंदू महासभा से जुड़े और वर्तमान में राष्ट्रीय महामंत्री का दायित्व संभाल रहे हैं। अध्यक्ष द्विवेदी ने कहा कि पत्रकार से महामंडलेश्वर बनने तक की यह यात्रा भारत की आध्यात्मिक हिंदू राजनीति के लिए शुभ संकेत है।
पत्रकारिता और संगठनों में सक्रिय भूमिका
राष्ट्रीय प्रवक्ता बी.एन. तिवारी ने बताया कि पत्रकारिता जगत में ललित अग्रवाल ने भारतीय पत्रकार संघ और इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट जैसे दो शीर्ष संगठनों में राष्ट्रीय सचिव के रूप में कार्य किया। काठमांडू (नेपाल) में उन्हें भगवान पशुपतिनाथ के आशीर्वाद से सम्मानित भी किया गया। वर्तमान में वे पत्रकार वेल्फेयर एसोसिएशन भारत (पंजीकृत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
उन्होंने विभिन्न समाचार पत्र-पत्रिकाओं में कार्य करते हुए नोएडा से प्रकाशित राष्ट्रीय शान, कानपुर से प्रकाशित उपदेश टाइम्स और राष्ट्रीय पहल के साथ स्वतंत्र प्रबोध में अपनी सेवाएं दीं। इसके अलावा आईबीएन 20-20 मध्य प्रदेश में नेशनल चीफ ब्यूरो चीफ का दायित्व भी संभाल रहे हैं।
सनातन धर्म की ओर बढ़ा रुझान
बी.एन. तिवारी ने बताया कि पत्रकारिता के साथ-साथ ललित अग्रवाल का रुझान सनातन धर्म और हिंदुत्व के लिए कार्यरत साधु-संतों व संगठनों की ओर बढ़ा। इसी क्रम में वे अखिल भारत हिंदू महासभा और अखिल भारतीय हिंदू परिषद से जुड़े। उन्हें कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास में भी राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।
उन्होंने महाकाल भैरव अखाड़ा में राष्ट्रीय महासचिव, अंतरराष्ट्रीय सूर्यवंशी अखाड़ा में राष्ट्रीय सचिव एवं मीडिया प्रभारी तथा सप्तऋषि अखाड़ा में दो वर्षों तक राष्ट्रीय सचिव और मीडिया प्रभारी के रूप में कार्य किया। वृंदावन में उन्हें श्री 1008 ललित आदित्य महाराज के रूप में महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई। इसके पश्चात विश्व के सबसे बड़े, सन 1154 में स्थापित जूना अखाड़ा में उन्हें महामंडलेश्वर पद से विभूषित किया गया।
सेवा और समर्पण का संकल्प
पांच पोस्ट-ग्रेजुएशन डिग्री हासिल करने वाले महामंडलेश्वर ललितानंद जी ने जूना अखाड़ा में महामंडलेश्वर बनने को अपने जीवन का सबसे गौरवशाली क्षण बताया। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार द्विवेदी, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. यशपाल सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता बी.एन. तिवारी सहित सभी सहयोगियों का आभार जताया।
अपने आशीर्वचन में उन्होंने कहा कि वे आजीवन सनातन धर्म, हिंदुत्व, पत्रकारिता और समाजहित के लिए समर्पित रहेंगे।

