जहाँ डंडे से भगाए जाते हैं आवारा कुत्ते, वहीं विंध्याचल में इंसानियत की मिसाल बने वेद मिश्र

Anchal Sharma
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ved mishra

ठंड से कांपते बेजुबान के लिए बिछाया बोरा, ओढ़ाया कंबल — श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना मानवीय कदम

डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें

अक्सर सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को लोग डंडे से भगाते हुए देखे जाते हैं। ठंड के मौसम में जब इंसान अपने घरों में हीटर और रजाइयों का सहारा लेता है, तब ये बेजुबान खुले आसमान के नीचे ठिठुरने को मजबूर होते हैं। लेकिन मिर्जापुर जिले के विंध्याचल से इंसानियत को जीवित रखने वाली एक मिसाल सामने आई है।

विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी धाम के समीप बीएम गेस्ट हाउस के सामने स्थानीय निवासी वेद मिश्र (पुत्र बादल मिश्र) ने ठंड से कांप रहे एक आवारा कुत्ते के लिए बोरा बिछाकर उसे सोने की सुरक्षित जगह दी। इतना ही नहीं, कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए उन्होंने उस कुत्ते के ऊपर कंबल भी डाल दिया।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने की सराहना

यह दृश्य वहां से गुजर रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने वेद मिश्र के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे छोटे-छोटे कार्य ही समाज में संवेदनशीलता और करुणा को जीवित रखते हैं।

इंसानियत का बड़ा संदेश

स्थानीय लोगों का मानना है कि वेद मिश्र का यह छोटा-सा प्रयास समाज को एक बड़ा संदेश देता है। जब इंसान बेजुबान जानवरों के दर्द को समझे और उनके प्रति संवेदनशीलता दिखाए, तभी वास्तव में मानवता जीवित रहती है।

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