समाज सेवा की अमिट प्रेरणा: स्वर्गीय श्रीमती संतोष रानी की पुण्य स्मृति में मातृछाया दिवस

Anchal Sharma
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santosh rani

कुरुक्षेत्र में 2 जनवरी 2026 को 22वाँ विशाल रक्तदान शिविर एवं 17वाँ निःशुल्क मेडिकल जाँच शिविर आयोजित

डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |

समाज सेवा, करुणा और मानवता की सशक्त मिसाल रहीं स्वर्गीय श्रीमती संतोष रानी जी की पुण्य स्मृति में आगामी 2 जनवरी 2026 को मातृछाया दिवस श्रद्धा, संवेदना और सेवा भाव के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर 22वाँ विशाल रक्तदान शिविर तथा 17वाँ निःशुल्क मेडिकल जाँच शिविर (दवाइयों सहित) का आयोजन किया जा रहा है, जो उनके निस्वार्थ समाजसेवी जीवन को सच्ची श्रद्धांजलि है।

समाज सेवा को समर्पित जीवन की प्रेरक विरासत

स्वर्गीय श्रीमती संतोष रानी जी ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। गरीबों की सहायता, बीमारों की सेवा, महिलाओं के उत्थान और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करना उनके जीवन का मूल मंत्र रहा। उनका विश्वास था कि “सेवा ही मानवता की सबसे बड़ी पहचान है”, जिसे उन्होंने अपने कर्मों से साकार किया।

मातृछाया दिवस बना प्रेरणादायी सामाजिक अभियान

इस अवसर पर समाजसेवी विवेक अरोड़ा ने बताया कि स्वर्गीय संतोष रानी जी की स्मृति में मनाया जाने वाला मातृछाया दिवस आज एक व्यापक और प्रेरणादायी सामाजिक अभियान का रूप ले चुका है। रक्तदान जैसे आयोजनों से न केवल जरूरतमंदों को जीवनदान मिलता है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी प्रबल होती है।

अधिकाधिक रक्तदान की अपील

विवेक अरोड़ा ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान कर मानव सेवा में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि अब तक आयोजित शिविरों के माध्यम से सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा चुकी है और इस वर्ष का 22वाँ रक्तदान शिविर इस सेवा परंपरा को और आगे बढ़ाएगा।

आयोजन स्थल और चिकित्सा सहयोग

यह सेवा कार्यक्रम मेहरचंद मेहँदिरत्ता चैरिटेबल ट्रस्ट एवं डिस्पेंसरी, कीर्ति नगर, रेलवे अंडरपास में आयोजित किया जाएगा। मेडिकल जाँच शिविर डॉ. पवन बंसल (बीएस मल्टी अस्पताल) की टीम द्वारा संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों, युवाओं, महिलाओं एवं सामाजिक संगठनों की व्यापक भागीदारी की उम्मीद है।

मानवीय मूल्यों का संदेश

आयोजकों के अनुसार, स्वर्गीय श्रीमती संतोष रानी जी की पुण्य स्मृति में आयोजित यह मातृछाया दिवस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को मानवीय मूल्यों, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला प्रेरणास्रोत है।

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