वायरल दावे की पूरी सच्चाई, जानिए क्या कहते हैं वैज्ञानिक
डिजिटल डेस्क |आँचलिक ख़बरें |
सर्दियों का मौसम आते ही रोज़ नहाने को लेकर बहस शुरू हो जाती है। हाल ही में एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि सर्दियों में रोज़ न नहाने से इंसान की उम्र 34 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। गांव से लेकर शहर तक लोग इस दावे को लेकर हैरान हैं। सवाल यही है कि क्या ठंड से बचने की यह आम आदत वाकई लंबी उम्र का राज बन सकती है, या फिर यह सिर्फ एक भ्रामक दावा है?
वायरल दावा क्या कहता है?
वायरल जानकारी के मुताबिक, सर्दियों में न नहाने या ठंडे वातावरण में रहने से शरीर की मेटाबॉलिक गतिविधियां धीमी हो जाती हैं। इससे डीएनए को कम नुकसान पहुंचता है, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस घटता है और एजिंग यानी बुढ़ापे की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। इसी आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि उम्र बढ़ सकती है।
वैज्ञानिक शोध क्या कहते हैं?
वैज्ञानिकों के अनुसार, ठंडे वातावरण का शरीर पर कुछ सकारात्मक असर जरूर हो सकता है। वर्ष 2018 में हुई एक रिसर्च में यह पाया गया कि ठंडे तापमान में रखे गए चूहों की उम्र करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ी। हालांकि, विशेषज्ञ साफ करते हैं कि इंसानों में 34 प्रतिशत उम्र बढ़ने का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण अब तक उपलब्ध नहीं है।
न नहाने से फायदे या नुकसान?
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक न नहाने से शरीर पर बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं, जिससे स्किन इंफेक्शन और अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, ठंडे पानी से नहाने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर, इम्यून सिस्टम मजबूत और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार देखा जा सकता है।
सच क्या है?
यह कहना कि सर्दियों में न नहाने से उम्र बढ़ती है, पूरी तरह भ्रामक दावा है। हां, ठंडे माहौल में रहना या ठंडे पानी से नहाना कुछ हद तक सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन नहाना पूरी तरह छोड़ देना सही नहीं है।
आपके लिए सलाह
सेहत के लिहाज से बेहतर यही है कि सर्दियों में साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए गुनगुने या ठंडे पानी से नहाया जाए और शरीर को सक्रिय रखा जाए। अफवाहों पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तथ्यों पर भरोसा करें।

