अब परीक्षा केंद्र पर चेहरे से होगी उम्मीदवारों की पहचान, आयोग ने आधिकारिक नोट जारी कर दी जानकारी
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
- अब परीक्षा केंद्र पर चेहरे से होगी उम्मीदवारों की पहचान, आयोग ने आधिकारिक नोट जारी कर दी जानकारी
- परीक्षा केंद्र पर डिजिटल पहचान
- परीक्षा प्रक्रिया होगी और अधिक पारदर्शी
- पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हुआ था इस्तेमाल
- 8 से 10 सेकंड में हुई पहचान
- ईमानदार छात्रों को मिलेगा फायदा
- UPSC अभ्यर्थियों के लिए अहम बदलाव
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। आयोग ने घोषणा की है कि अब उसकी सभी परीक्षाओं में उम्मीदवारों की पहचान फेस रिकग्निशन तकनीक के जरिए की जाएगी। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद नकल, किसी और को परीक्षा में बैठाने या पहचान बदलकर परीक्षा देने जैसी अनियमितताओं पर लगभग पूरी तरह रोक लग जाएगी।
परीक्षा केंद्र पर डिजिटल पहचान
नई व्यवस्था के तहत परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय उम्मीदवार के चेहरे को उसके आवेदन फॉर्म में अपलोड की गई तस्वीर से डिजिटल रूप से मिलाया जाएगा। यदि दोनों में मेल नहीं पाया गया, तो उम्मीदवार को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। UPSC ने इस संबंध में अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट नोट जारी किया है।
परीक्षा प्रक्रिया होगी और अधिक पारदर्शी
आयोग का कहना है कि इस फैसले से परीक्षा प्रणाली और अधिक निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी। UPSC देश की सबसे बड़ी भर्ती एजेंसी है, जो IAS, IPS, IFS सहित कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए परीक्षाओं का आयोजन करती है।
पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हुआ था इस्तेमाल
यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया है। 14 सितंबर 2025 को आयोजित NDA और NA (द्वितीय) परीक्षा तथा CDS (द्वितीय) परीक्षा के दौरान गुरुग्राम के कुछ चयनित परीक्षा केंद्रों पर फेस रिकग्निशन तकनीक का पायलट प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक चलाया गया था। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक के जरिए उम्मीदवारों की पहचान सत्यापित की गई।
8 से 10 सेकंड में हुई पहचान
UPSC अध्यक्ष अजय कुमार के अनुसार, इस तकनीक से प्रत्येक उम्मीदवार की पहचान में केवल 8 से 10 सेकंड का समय लगा। इससे न सिर्फ प्रवेश प्रक्रिया तेज हुई, बल्कि परीक्षा सुरक्षा में भी एक मजबूत परत जुड़ गई।
ईमानदार छात्रों को मिलेगा फायदा
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा ईमानदारी से मेहनत करने वाले उम्मीदवारों को मिलेगा। खासकर ग्रामीण और दूर-दराज़ के क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के लिए यह एक भरोसेमंद कदम माना जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि चयन केवल मेहनत और योग्यता के आधार पर ही होगा।
UPSC अभ्यर्थियों के लिए अहम बदलाव
जो उम्मीदवार UPSC, NDA, CDS या अन्य सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह बदलाव समझना बेहद जरूरी है। आने वाले समय में परीक्षा प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सख्त और तकनीकी रूप से मजबूत होने जा रही है।
इस नए फैसले पर आपकी क्या राय है? क्या फेस रिकग्निशन सिस्टम परीक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाएगा?

