0 अधिकारियो, वेंडरो की मिलीभगत से लाखो के गोलमोल का आरोप
चित्रकूट। रामनगर विकासखण्ड कार्यालय आये दिन नित नये कारनामो को अंजाम देकर सुर्खियो मे रहता है। वह चाहे गौशाला निर्माण का हो अथवा गायो के चारा भूसा, सडक, नाली खडंजा निर्माण का हो सब मे भ्रष्टाचार के मामले आये दिन उजागर होते रहते है।
गौरतलब है कि कंटी एजेंसी से पीडित खण्ड विकास अधिकारी आशाराम सिंह काफी दिनो तक सुर्खियो मे थे जिसके चलते हमेशा नये मामले प्रकाश मे आते रहे है। इनके खिलाफ आज तक कोई ठोस कार्रवाई नही की गई है। इस बार एक अनोखा मामला प्रकाश मे आया है। हाईटेक टेक्नोलाजी डोगल के जरिये आॅनलाइन भुगतान ने कई प्रधानो की नींद हराम कर दी है जिसके चलते ब्लाक परिसर मे अधिकारी-कर्मचारियो के बीच तू तू मैं मैं देखी जा रही है। बीते दिनो एक ऐसा मामला प्रकाश मे आया था कि ग्राम बांधी प्रधान ने पैंसा निकल जाने पर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत की थी नतीजतन ब्लाक मे मौजूद जिम्मेदार कार्यवाहक नटवरलालो के जरिये मामले को निपटा दिया गया यी हाल अन्य ग्राम पंचायत मे चल रहा है बिना ग्राम प्रधानो की जानकारी के लाखो के भुगतान के बाद प्रधानो ने ब्लाक परिसर को अखाडा मे तब्दील कर दिया। अधिकारी-कर्मचारियो की नांेकझोक का सिलसिला आम हो गा है। मामले की नजाकत को भांपते हुए ब्लाक मे दिनभर दलाली करने वाले मुन्ना भाइयो की मदद लेकर मुख्यालय मे डीपीएम नियुक्त कर्मचारी से साठगांठ कर अपने आप को साफ बचाने के लिये हाईटेक टेक्नोलाॅजी के जरिये पैंसा ट्रांसफर करा दिया पेडिंग मे तकनीकी अपनाई ताकि प्रधानो को संतुष्ट किया जा सके। ज्यादातर प्रधानो का कहना है कि डोगल प्रणाली मे हम लोगो के सिग्नेचर मैच नही करते सहायक विकास खण्ड अधिकारी अपने पास ही कागजात जमा कराये थे। उन्ही के कार्यालय मे दिनभर सचिवो और ठेकेदार वेंडरो की लगातार मीटिंग चल रही है योजनाबद्व तरीके से मटेरियल सप्लायर व कार्यो के नाम से भुगतान कराकर सरकारी धन का बंदरबाट किया गया है।
डोगल प्रणाली के नाम पर धन का हो रहा बंदरबाट-सिद्धार्थ चौधरी

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