राजधानी के रिहायशी इलाके में भीषण आग, एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत
डिजिटल डेस्क | आंचलिक खबरें
दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में बीती रात एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां एक बहुमंज़िला रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी की फायर सेफ्टी व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आधी रात लगी आग, चंद मिनटों में बिगड़े हालात
जानकारी के अनुसार, आग रात करीब 2:30 बजे लगी, जब इमारत से अचानक धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया। नीचे रहने वाले लोग किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन ऊपरी मंजिल पर रह रहा परिवार बाहर नहीं निकल सका और आग में फंस गया।
पति-पत्नी और बेटे की दर्दनाक मौत
हादसे में एक पुरुष, उनकी पत्नी और उनके जवान बेटे की दम घुटने और गंभीर रूप से झुलसने के कारण मौत हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, परिवार मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि कोई भी अंदर जाकर उन्हें बचा नहीं सका।
फायर सेफ्टी पूरी तरह नाकाम
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि इमारत में फायर सेफ्टी के नाम पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। न तो फायर अलार्म मौजूद था, न इमरजेंसी एग्जिट की उचित व्यवस्था और न ही फायर एक्सटिंग्विशर काम करने की हालत में थे, जिससे आग तेजी से फैल गई।
दमकल विभाग की देरी पर सवाल
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि आग की सूचना समय पर फायर ब्रिगेड को दी गई थी, लेकिन दमकल की गाड़ियां काफी देर से मौके पर पहुंचीं। जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक तीन जिंदगियां खत्म हो चुकी थीं।
बिना फायर एनओसी के बनी इमारत?
सूत्रों के अनुसार, जिस इमारत में आग लगी, उसके पास फायर एनओसी नहीं थी और अवैध निर्माण की भी आशंका जताई जा रही है। संकरी गलियों के कारण दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग मामले की संयुक्त जांच कर रहे हैं।

