प्रमोद मिश्रा
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में योगी सरकार द्वारा चारों ब्लॉकों में पशु पशुओं के लिए गौशालाओं की व्यवस्था करवाएं हैं। लाखों की गौशालाओं का निर्माण करवाया इसके बाद पिछले वर्ष गौशालाओं का संचालन बढ़िया चल रहा था । चलने के बाद किसान की फसल को तो नुकसान ना हुआ। लेकिन चित्रकूट जिला के गौ रक्षक दल के कुछ नेताओं ने यह बात कह कर के ग्राम पंचायतों के पशु छुड़वा दिया । 15 मई से 15 जुलाई तक ग्राम पंचायतों के गौशालाओं से 3 महीने के लिए पशु छोड़े जाएंगे और इसके बाद पुनः गौशालाओं में निगरानी बराबर चलती रहेगी फिर बंद कर दिए जाएंगे ।और संचालन शुरू हो जाएगा। निगरानी में रहेंगे उसके बाद बहुत से पशु इधर-उधर हो गए 27 जुलाई आ रही है किसान धान की फसल का लाइना लगा रहा है ,अरहर बोगई है व अन्य सभी खरीफ की फसलें बोई जा चुकी हैं । किसान हजार रुपए का बीज लाकर ब्याढ करता है और छुट्टा पशु रात को जाते हैं तार बाड तोड कर के और किसान की फसल को चौपट कर देते हैं। किसान का तो 6 महीना का मेहनत पानी फिर गया। उसकी फसल गई इसके बाद बच गई तो खेत जोताई ,धानलगवाना खाद , कीटनाशक महंगाई में पैसा लगता है। इसके बाद पानी की व्यवस्था होती है क्या बचता है किसान के लिए । किसान मात्र एक उत्पादन करता है इसका मजा तो कोई और लेता है । चित्रकूट डी एम जब से आए हैं और काम कर रहे हैं गौशालाओं की व्यवस्था भी अटेंडम करवाई थी लेकिन इस समय चित्रकूट में अन्ना पशु घूम रहे हैं। क्योंकि इसका कारण भी है अभी कुछ दिन पहले मऊ ब्लाक में मीटिंग हुई थी जिसमें उप जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला, चित्रकूट बांदा सांसद आरके पटेल, मऊ मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी प्रधान संघ के अध्यक्ष व सभी ग्रामों के प्रधानों ने यह चर्चा मीटिंग में कि डिजिटल इंडिया के कारण पेमेंट रुक जाता है। गौशालाओं में काम करने वाले मजदूर उनको तो मजदूरी चाहिए ना जब वह मजदूरी 2 महीने ,4 महीने, 6 महीने, साल भर नहीं पाता तो वह पशु चराने जैसा सरल काम छोड़ देता है। इसके बावजूद भी मजदूरों को ऊपर से पैसा नहीं आता तब भी ग्राम प्रधानों ने अपने घर के प्राइवेट पैसे से मजदूरों की व्यवस्था करते हैं और कर रहे हैं। और कहीं कहीं प्रधान स्वयं जाकर पशुओं को समेटा है।यह योगी जी की व्यवस्था है कि अच्छा हो रहा है। मऊ नगर पंचायत में कुछ पशुपालक अपना पशु आदेश के बाद भी छोड़े हुए और वह पशु नुकसान करते हैं । शायद प्रधानों का 2 महीने का गौशालाओं के संचालन का पैसा आना था । उप जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला आश्वासन दिये थे कि हम व्यवस्था करवाएंगे सीडीओ चित्रकूट से कहकर हो सकता है कि अभी पैसाआया होगा आ जाएगा । लेकिन बहुत से प्रधान यह भी कहते हैं यदि हम को सही समय पर पैसा नहीं मिलेगा तो गौशाला के संचालन में हम को भारी परेशानी आती है।
उत्तर प्रदेश चित्रकूट से प्रमोद मिश्रा की रिपोर्ट
चित्रकूट उत्तर प्रदेश में फसल बोने के बाद भी घूम रहे हैं अन्ना पशु, किसान परेशान

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