121 किलो की कांवड़, 20 किलोमीटर की भक्ति यात्रा, और गूंजते ‘हर-हर महादेव’ – चिरगांव में साक्षात शिवत्व का पर्व”
बुंदेलखंड में आज का दिन आस्था, उत्साह और भक्ति से सराबोर रहा। चिरगांव महोत्सव समिति की नौवीं कावड़ यात्रा ने न केवल हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित किया, बल्कि पूरे बुंदेलखंड…
परिषदीय स्कूलों में सुरक्षा की नई इबारत: जर्जर भवनों से मुक्ति और झालावाड़ की घटना से सबक
यूपी सरकार का बड़ा फैसला: बच्चों की सुरक्षा के लिए 'ऑपरेशन कायाकल्प' का विस्तार, जर्जर स्कूलों का होगा पुनर्निर्माण और ध्वस्तीकरण राजस्थान के झालावाड़ में सरकारी स्कूल की जर्जर इमारत…
अमेरिका ने दिए पाकिस्तान को 2 बिलियन डॉलर के हथियार! भारतीय सेना के लिए बड़ा खतरा!
5 अगस्त 2025 को, भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड ने एक ऐतिहासिक अख़बार की क्लिप साझा की, जो 5 अगस्त 1971 की है। इसमें बताया गया है कि 1954 से…
झाँसी के जाने-माने वकील की रहस्यमयी मौत ने पूरे शहर को झकझोरा
झांसी, उत्तर प्रदेश - मंगलवार का दिन झांसी के तालपुरा इलाके के लिए एक काली सुबह लेकर आया। जाने-माने वकील और पूर्व ADGC भानू प्रकाश वर्मा की उनके ही घर…
Mark Zuckerberg: दृष्टिकोणात्मक (visionary) या नकारात्मक (villain)?
Mark Zuckerberg" नाम सुनते ही हमारे सामने दो स्वरूप उभरकर आते हैं: एक जहाँ "Mark Zuckerberg" को एक दूरदर्शी (visionary) तकनीकी नवप्रवर्तक के रूप में देखा जाता है, तो दूसरे…
शिक्षा का मंदिर या जलभराव का तालाब? ग्रामीण भारत की प्राथमिक शिक्षा की कड़वी सच्चाई
झांसी के बंगरा ब्लॉक के सेकरा धवा गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर आज सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण भारत की हकीकत को बयां करती है।…
लोकतंत्र की मर्यादा और डिजिटल युग की अराजकता: सोशल मीडिया पर बढ़ती नफ़रत की राजनीति
लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मर्यादा की एक लक्ष्मण रेखा होती है। और जब वही रेखा लांघी जाती है तब कानून बोलता है।" यह सिर्फ़ एक टीवी चैनल…
500 साल पुराना ‘ताले वाले महादेव’ मंदिर: एक रहस्यमयी परंपरा, जो खोलती है किस्मत के बंद दरवाज़े
भारत की धरती रहस्यों और परंपराओं की भूमि रही है। यहां हर मंदिर, हर देवता, हर कथा के पीछे कोई न कोई गूढ़ रहस्य या आस्था की अद्भुत कहानी छिपी…
Plato: दर्शन, राजनीति और शिक्षा पर गहरा प्रभाव
Plato, जो कि यूनान के सुविख्यात दार्शनिकों में से एक हैं, का नाम जब भी लिया जाता है, तो वह दर्शन, राजनीति और शिक्षा तीनों क्षेत्रों में अमिट छाप छोड़ने…
उल्लोज्झुक्कु” की नेशनल अवॉर्ड जीत क्यों लगती है व्यक्तिगत जीत जैसी
भारतीय सिनेमा में जहां महिलाओं को लेकर अक्सर एकतरफा और सतही चित्रण देखा गया है, वहीं "उल्लोज्झुक्कु" जैसी फिल्म एक मजबूत जवाब बनकर सामने आई है। यह फिल्म महिलाओं की…
