बख्तियार खिलजी: भारत का शिक्षा-विरोधी आक्रमणकारी
परिचय: बख्तियार खिलजी का पूरा नाम था इख्तियार-उद-दीन मुहम्मद बख्तियार खिलजी (Ikhtiyar-ud-din Muhammad Bakhtiyar Khilji)। वह 12वीं शताब्दी के अंत और 13वीं शताब्दी की शुरुआत में भारत आए मुस्लिम तुर्क…
नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास: भारत की गौरवशाली प्राचीन शिक्षा प्रणाली
भूमिका: जब भारत ज्ञान का केंद्र था भारत सदियों तक दुनिया का ज्ञान गुरु (विश्वगुरु) रहा। उस गौरवशाली परंपरा में नालंदा विश्वविद्यालय एक चमकता हुआ तारा था। यह एक ऐसा…
नागवासुकी मंदिर: प्रयागराज की अध्यात्मिक विरासत का प्रतीक
प्रयागराज, जिसे तीर्थराज कहा जाता है, न केवल त्रिवेणी संगम के कारण विख्यात है, बल्कि यहां स्थित अनेक प्राचीन मंदिरों की आध्यात्मिक गरिमा भी इसे विशेष बनाती है। इन्हीं में…
नारी सम्मान Vs राजनीति: कब मिलेगी महिला को असली इज़्ज़त?
भारत जैसे सांस्कृतिक देश में जहां नारी को शक्ति और सृजन का प्रतीक माना जाता है, वहीं आज भी नारी सम्मान केवल भाषणों और नारों तक सीमित रह गया है।…
सत्य की खोज: पत्रकारिता और लोकतंत्र का संबंध
पत्रकारिता में सच्चाई: लोकतंत्र की रीढ़ पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को सूचना, जागरूकता और सत्य के आधार पर मार्गदर्शन देना होता है। पत्रकारिता में सच्चाई केवल एक आदर्श नहीं,…
नागचंद्रेश्वर मंदिर: नागों के देवता का चमत्कारी धाम
प्रस्तावना:- भारत भूमि पर धर्म, आस्था और रहस्यों से जुड़े अनेक चमत्कारी स्थल हैं, जिनमें उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर विशेष महत्व रखता है। यह मंदिर न केवल अपनी रहस्यमयी संरचना…
Babur: संघर्ष से साम्राज्य तक की ऐतिहासिक गाथा
Babur का प्रारंभिक जीवन:- Babur का जन्म 14 फरवरी 1483 को मध्य एशिया के फरगाना (वर्तमान उज्बेकिस्तान) में हुआ था। उसका पूरा नाम था जहीरुद्दीन मोहम्मद बाबर। Babur तैमूर वंश…
सोशल मीडिया अफवाह Vs सत्य: मेटा की चेतावनी या वायरल भ्रम?
प्रस्तावना: अफवाहों का डिजिटल विस्फोट:- आज के युग में जहां सूचना मात्र एक क्लिक की दूरी पर है, वहीं सोशल मीडिया अफवाह भी तेज़ी से महामारी की तरह फैल रही…
External marital affair: आधुनिक रिश्तों की उलझन और समाज की सच्चाई
प्रस्तावना: बदलते रिश्तों का बदलता स्वरूप:- भारत जैसे पारंपरिक देश में विवाह को एक पवित्र बंधन माना जाता है। किंतु बीते कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि External…
बिहार में मतदाता सूची विवाद: लोकतंत्र की बुनियाद पर उठते सवाल
प्रस्तावना: भारत का लोकतंत्र दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में गिना जाता है। इस लोकतंत्र की नींव मजबूत मतदाता सूची पर टिकी होती है, जिसमें हर नागरिक का नाम शामिल…
