कैंसर का बढ़ता खतरा: उम्र और आदतों की सीमा टूटी, अब बच्चे भी चपेट में

Anchal Sharma
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बदलती जीवनशैली और प्रदूषण से बढ़ रहा कैंसर का जोखिम

डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |

कैंसर अब किसी एक उम्र, क्षेत्र या आदत तक सीमित नहीं रह गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के अनुसार बदलती जीवनशैली, मिलावटी खान-पान, बढ़ता प्रदूषण और तंबाकू व शराब की आदतें कैंसर के मामलों में तेजी से इजाफा कर रही हैं। हैरानी की बात यह है कि अब बच्चे भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।

WHO की रिपोर्ट: दुनिया भर में डरावने आंकड़े

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) के मुताबिक, साल 2022 में दुनियाभर में करीब 2 करोड़ नए कैंसर के मामले सामने आए, जबकि लगभग 97 लाख लोगों की मौत इस बीमारी से हुई। आंकड़े बताते हैं कि हर 5 में से 1 व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी कैंसर होता है, वहीं हर 9 में से 1 पुरुष और 12 में से 1 महिला की मौत कैंसर के कारण होती है।

ICMR की चेतावनी: भारत में लंग्स कैंसर के मामले बढ़ेंगे

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने फेफड़ों के कैंसर को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक भारत में लंग्स कैंसर के मामलों में तेज़ बढ़ोतरी हो सकती है।

उत्तर-पूर्वी राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा

रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर-पूर्वी राज्यों में तंबाकू के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण फेफड़ों के कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा है। यहां पुरुषों में करीब 68 प्रतिशत और महिलाओं में 54 प्रतिशत से अधिक मामले सामने आने की आशंका जताई गई है।

नॉन-स्मोकर महिलाओं में भी बढ़ रहा लंग्स कैंसर

चिंता की बात यह है कि अब उन महिलाओं में भी लंग्स कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, जो धूम्रपान नहीं करतीं। डॉक्टरों के अनुसार इसकी वजह घरों के अंदर का धुआं, बायोमास ईंधन का उपयोग, सेकेंड हैंड स्मोक और कार्यस्थलों पर रसायनों के संपर्क को माना जा रहा है।

विशेषज्ञों की सलाह: बचाव और सतर्कता जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंग्स कैंसर गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन इससे बचाव संभव है। धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाना, दूसरों के धुएं से बचना, प्रदूषित इलाकों में मास्क का इस्तेमाल करना, कार्यस्थलों पर सुरक्षा उपाय अपनाना और नियमित व्यायाम करना बेहद जरूरी है। साथ ही अगर लंबे समय तक खांसी, सांस फूलना, सीने में दर्द या बिना वजह वजन घटने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना चाहिए।

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