कमलनाथ सरकार के मंत्री एवं सरकारी खनीज अधिकारी को रेत उत्खनन बंद करने के आदेश दिये। फिर भी कई ठेकेदारों से यही खनीज अधिकारी दस लाख लेकर पंचायतो के नाम पर कटी रॉयल्टी दिखा रेत लाखो के दाम पर बेचना ईन दिनो काफी सुर्खीयो मे बना है।
रेत उत्खनन बन्द के बाद दबंगई से रोजाना दस गॉडीया फर्जी तरीके से जा रही है,खनिज अमला हैअनजान।
भाषण देने में और सही काम करने में बहुत फर्क होता है मंत्री जी
किसे और किन अधिकारियों को आपने निर्देशित कर रखा है अवैध कार्यों पर कार्यवाही करने के लिए।
खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल ने संभागीय मीटिंग लेते हुए निर्देशित किया था आला अधिकारियों को अवैध उत्खनन पर कार्यवाही के लिए।
इस तरह निर्देशित किया अधिकारियों को मंत्री जी ने कि अधिकारियों को कोई फर्क ही नहीं पड़ा।
इधर ग्राम पंचायत विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भी मीडियाकर्मियों से वार्ता में बताया था, हमने निर्देशित कर रखा है अधिकारियों को आप बताइए कहा हो रहा है अवैध कार्य जरूर होगी कार्यवाही।
मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के रवैये को देख यह कहना अतिशयोक्ति नही है।
अंधेर नगरी के चौपट राजा
टका सेर भाजी टका सेर खाजा
वही सरकार का पूरा फायदा रेत के ठेकेदारो को बखूबी मिल रहा है।
कई बार इनके खिलाफ अवैध रेत और अवैध उत्खनन को लेकर खबर प्रकाशित की जा चुकी है
लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों को इन खबरों से कोई खास फर्क पड़ा ही नहीं।
मध्य प्रदेश सरकार कमलनाथ के मंत्री ग्राम पंचायत विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल का सिंगरौली मीडिया और पत्रकारों से वार्ता में कहा गया था।
आप चिन्हित करिए कौन-कौन है रेत माफिया
हम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बोल रखा है उन पर सख्त कार्यवाही होगी।
यह बयान एक दिखावा बनकर रह गया है क्योंकि ऐसा कोई थाना या चौकी नहीं होगा जहां एक भी रेत माफिया ऐसा नहीं होगा जिनके बारे में पुलिस को न पता हो
में खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल सभी संभागीय अधिकारियों की मीटिंग लेते हुए निर्देशित किये थे कि एक भी अवैध रेत माफिया या अवैध उत्खनन करने वाले बचने नहीं चाहिए उन पर सख्त कार्यवाही हो।
ऐसे में अब देखना यह है कि अपने ही पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई एक्शन लिया जाता है या नहीं और चिन्हित रेत माफियाओं के खिलाफ मंत्री के आदेशानुसार कार्यवाही होती है या नहीं।