सियासत से अपराध तक का पूरा खेल, क्या ये सिर्फ डकैती का मामला है या किसी बड़ी साजिश की परत?
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
- सियासत से अपराध तक का पूरा खेल, क्या ये सिर्फ डकैती का मामला है या किसी बड़ी साजिश की परत?
- सुबह 10 बजे रिमांड, थाने में चली घंटों पूछताछ
- बुढ़ावली में बरामदगी, 15 हजार रुपये मिले
- बापू निवास तक पुलिस की मौजूदगी, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
- 20 लाख की रंगदारी, लेकिन बाकी पैसे कहाँ?
- पुलिस सूत्रों का दावा, रिमांड सिर्फ शुरुआत
झाँसी में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव डकैती और 20 लाख रुपये की रंगदारी के गंभीर आरोपों में जेल में बंद हैं। पुलिस रिमांड के दौरान हुई 15 हजार रुपये की बरामदगी ने न सिर्फ मामले को और पेचीदा बना दिया है, बल्कि सियासत और अपराध के रिश्ते पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुबह 10 बजे रिमांड, थाने में चली घंटों पूछताछ
सोमवार सुबह ठीक 10 बजे मोठ थाना पुलिस और स्वाट टीम ने जेल में बंद पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव को रिमांड पर लिया। रिमांड मिलते ही पुलिस टीम उन्हें सीधे मोठ थाना लेकर पहुँची, जहाँ कई घंटों तक गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान डकैती और रंगदारी से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर सवाल-जवाब हुए, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा रही है।
बुढ़ावली में बरामदगी, 15 हजार रुपये मिले
लंबी पूछताछ के बाद पुलिस टीम पूर्व विधायक को उनके पैतृक निवास बुढ़ावली लेकर पहुँची। यहाँ उनकी निशानदेही पर डकैती की रकम में से 15 हजार रुपये बरामद किए गए। इस बरामदगी को पुलिस के लिए एक अहम सुराग माना जा रहा है, हालांकि यह रकम पूरे मामले के सामने बहुत छोटी प्रतीत हो रही है।
बापू निवास तक पुलिस की मौजूदगी, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
बरामदगी के बाद पुलिस टीम पूर्व विधायक को बापू निवास भी लेकर गई, जहाँ एक बार फिर पूछताछ का सिलसिला चला। पूरे ऑपरेशन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्कता बरती गई। इस दौरान पूर्व विधायक के अधिवक्ता भी मौके पर मौजूद रहे।
20 लाख की रंगदारी, लेकिन बाकी पैसे कहाँ?
यह मामला नवंबर महीने में दर्ज हुआ था, जिसमें 32 हजार रुपये की डकैती और पूरे 20 लाख रुपये की रंगदारी का आरोप लगाया गया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब डकैती की रकम 32 हजार रुपये थी, तो अब तक सिर्फ 15 हजार रुपये ही क्यों बरामद हो पाए हैं। बाकी रकम कहाँ है और किसके पास है, यह जांच का सबसे अहम बिंदु बन गया है।
पुलिस सूत्रों का दावा, रिमांड सिर्फ शुरुआत
पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह रिमांड केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक बड़े नेटवर्क तक पहुँचने की कोशिश है। आशंका जताई जा रही है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं और आने वाले दिनों में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियां हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई हैं।

