जैविक खेती अपनाने का आह्वान, रासायनिक खाद से हो रहे दुष्परिणामों पर जताई चिंता
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |
- जैविक खेती अपनाने का आह्वान, रासायनिक खाद से हो रहे दुष्परिणामों पर जताई चिंता
- अतिथियों का हुआ पारंपरिक स्वागत
- रासायनिक खेती से भूमि और मानव स्वास्थ्य पर खतरा
- गो आधारित जैविक खेती अपनाने पर दिया जोर
- बीज पर किसानों का हो नियंत्रण
- सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में देने की मांग
- जैविक खेती को बढ़ावा देने का संकल्प
- कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे उपस्थित
भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय जैविक प्रमुख एवं पद्मश्री से सम्मानित हुकुम पाटीदार का केंद्र की योजना के अंतर्गत कन्नौद जिले में प्रवास हुआ। इस दौरान कन्नौद में आयोजित जिला बैठक का शुभारंभ भगवान बलराम जी के पूजन के साथ किया गया, जिसमें जिला एवं तहसील स्तर के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
अतिथियों का हुआ पारंपरिक स्वागत
बैठक से पूर्व कार्यकर्ताओं द्वारा अतिथियों का तिलक, साफा बांधकर एवं श्रीफल भेंट कर पारंपरिक स्वागत किया गया।
रासायनिक खेती से भूमि और मानव स्वास्थ्य पर खतरा
बैठक को संबोधित करते हुए हुकुम पाटीदार ने कहा कि हरित क्रांति के समय स्वामीनाथन रिपोर्ट के आधार पर अधिक उत्पादन के लिए रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग किया गया, जिससे भूमि अत्यधिक जहरीली हो गई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाले समय में भूमि की उत्पादन क्षमता शून्य के बराबर हो जाएगी और चाहे कितनी भी रासायनिक खाद डाल दी जाए, पैदावार नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती से किसानों का खर्च बढ़ा है, जबकि उत्पादन हर वर्ष घटता जा रहा है। इसके दुष्परिणाम आज स्पष्ट रूप से सामने हैं, जिससे कैंसर, लकवा, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियां गांव-गांव में बढ़ रही हैं।
गो आधारित जैविक खेती अपनाने पर दिया जोर
हुकुम पाटीदार ने कहा कि अब समय आ गया है कि रासायनिक उत्पादों को छोड़कर गो आधारित जैविक खेती को अपनाया जाए। इससे न केवल हमारी धरती स्वस्थ रहेगी, बल्कि मानव जीवन भी निरोगी बनेगा।
उन्होंने कहा कि मालवा प्रांत देश के अच्छे प्रांतों में गिना जाता है और यहां जैविक खेती की अपार संभावनाएं हैं।
बीज पर किसानों का हो नियंत्रण
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज बीजों पर विदेशी कंपनियों का नियंत्रण हो गया है, जो एक-एक लाख रुपये किलो तक बीज बेच रही हैं। बीज का नियंत्रण किसानों के हाथ में होना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में देने की मांग
हुकुम पाटीदार ने कहा कि किसानों के नाम पर दी जाने वाली सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में डाली जानी चाहिए। वर्तमान में जो सब्सिडी कॉर्पोरेट घरानों को दी जा रही है, वह सीधे किसानों को मिले।
उन्होंने बताया कि लगभग 23 हजार रुपये प्रति एकड़ की सब्सिडी किसानों के नाम से दी जा रही है, जिसका लाभ वास्तविक किसान तक पहुंचना चाहिए।
जैविक खेती को बढ़ावा देने का संकल्प
बैठक में प्रांत प्रचार प्रमुख गोवर्धन पाटीदार ने कहा कि केंद्र की योजना अनुसार चार जिलों में प्रयास किया जा रहा है, ताकि रासायनिक खाद के स्थान पर किसानों को जैविक खेती की ओर अग्रसर किया जा सके।
कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे उपस्थित
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश टांडी, जिला मंत्री गोरेलाल गुर्जर, कोषाध्यक्ष गजेंद्र सिंह, युवा किसान वाहिनी भीम सिंह सेधव, कार्यालय मंत्री लखन सिंह राठौड़, सह मंत्री सुमेर सिंह सिसोदिया, कैलाश प्रजापत, भगत राम सुन्दरीया, डॉ. बाबूलाल चौधरी सहित जिला एवं तहसील स्तर के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

