भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय के कार्यालय विकास आयुक्त हस्तशिल्प के द्वारा पिछले एक महीने से चल रहे डोकरा शिल्प डिजाईन कार्यशाला का समापन किया गया। समापन समारोह में अतिथियों द्वारा कार्यशाला से जुड़कर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले हस्तशिल्पियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर कार्यशाला में निर्मित हस्तशिल्प सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका अवलोकन पदाधिकारियों ने किया।
सहायक निदेशक भुवन भास्कर के मार्गदर्शन में आयोजित उक्त डोकरा डिजाइनिंग कार्यशाला में बतौर अतिथि परियोजना पदाधिकारी रेशम, सुधीर कुमार सिंह ने हस्तशिल्पियों को संबोधित करते हुए कहा कि हस्तशिल्प विभाग की ओर आयोजित यह कार्यशाला कई मायनों में बहुत ही महत्वपूर्ण और उपयोगी है। राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप यहां के हस्तशिल्पियों को इस कार्यशाला में डोकरा आर्ट का नया नया डिज़ाइन सिखाया गया। भारत सरकार के हस्तशिल्प विभाग द्वारा प्रशिक्षित योग्य और अनुभवी डिजाइनर के माध्यम से नये नये डिजाइन की सामग्री का निर्माण भी कराया गया।
इसी कड़ी में सहायक निदेशक भुवन भास्कर ने विभाग की ओर से हस्तशिल्पियों एवं उनके परिवार के लिए चलाये जा रहे जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। साथ ही मार्केटिंग को लेकर भी कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
दुमका के शिकारीपाड़ा जबरदाहा में पिछले एक महीने से चल रहे उक्त डिजाइनिंग कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जहां एक ओर डोकरा हस्तशिल्प से जुड़े हस्तशिल्पियों को डिजाइनिंग और प्रोद्योगिकी आधारित प्रशिक्षण देकर उन्हें बाजार की मांग के अनुरूप नये नये डिजाइन की सामग्रियों को निर्मित करने का प्रशिक्षण देना था ताकि न सिर्फ उन्हें बाजार मिल सके बल्कि उनकी आय में भी वृद्धि हो सके। इस कार्यशाला का मुख्य फोकस ड्रोइंग रुम से जुड़े नये नये आकर्षक सजावटी सामान के निर्माण कार्य को लेकर प्रशिक्षण देना था जिसके लिए विकास आयुक्त कार्यालय हस्तशिल्प से इम्पेनल्ड डिजाइनर संजीत बक्शी कोलकाता को आमंत्रित किया गया था जो एक महीने तक लगातार हस्तशिल्पियों के साथ रहकर उन्हें नये नये डिजाइन सीखाने का कार्य किया। जिनके प्रयास से कार्यशाला के अंत कई नये डिजाइन की सामग्रियां निर्मित की गई जिसमें टेबल लैंप, कलात्मक दर्पण, घड़ी, फोटो फ्रेम, वाल हेंगिंग, ट्राइबल आर्ट, पुस्तक स्टेंड आदि जैसी प्रमुख हैं।
कार्यक्रम में जनमत शोध संस्थान के सचिव अशोक सिंह, विकास आयुक्त कार्यालय हस्तशिल्प के पदाधिकारी ध्रूव ज्योति मंडल, मुख्यमंत्री कुटीर उद्योग बोर्ड के प्रखण्ड समन्वयक तारा चरण मंडल मुख्य प्रशिक्षक हरेज जादोपटिया सहित कुल 30 प्रतिभागी हस्तशिल्पी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अंकित कुमार ने किया।
डोकरा शिल्प डिजाईन कार्यशाला का समापन-आंचलिक ख़बरें -अशोक सिंह

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