इस साल अब तक गेहूं के भाव 30% से ज्यादा बढ़ गए हैं। शुक्रवार को यह 2,842 रुपए प्रति क्विंटल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके चलते रोटी और बिस्किट जैसे रोजाना खपत के प्रोडक्ट्स महंगे होंगे। आम तौर पर गेहूं के भाव में तेजी के मुकाबले आटे के दाम ज्यादा बढ़ते हैं। बीते तीन महीने में गेहूं 15.25 महंगा हुआ, जबकि आटे में 18-19% तेजी आई। यह दिलचस्प है कि बढ़ते भाव पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने मई में गेहूं निर्यात पर पाबंदी लगाई थी, लेकिन दाम बढ़ते रहे। हालांकि ये तेजी बने रहने की आशंका कम है। आईआईएफएल सिक्युरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि दिसंबर के बाद गेहूं के भाव घटने शुरू होंगे। इस साल देश में गेहूं का उत्पादन बीते साल के मुकाबले 15-20% बढ़ने की संभावना है। बेहतर भाव मिलने से किसानों ने गेहूं की उपज ज्यादा से ज्यादा खेतों में लगाई है
गेहूं 2842 रुपए प्रति क्विंटल स्तर पर, जनवरी तक हो सकते हैं और तेज?-आंचलिक ख़बरें-मनीष गर्ग
