चित्रकूट: आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मंगलवार को चित्रकूट के गणेश बाग परिसर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रामकृपाल समेत तमाम न्यायिक अधिकारियों व बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं न्यायालय के कर्मचारियों द्वारा योग दिवस मनाया गया।
इस दौरान जनपद न्यायाधीश ने कहा कि योग अपने आप में व्यापक शब्द है। योग हमारे शरीर आत्मा एवं चित्त को शुद्ध रखने के लिए किया जाता है। योग अपने आप में इतना प्रभावशाली है कि यदि किसी व्यक्ति को रोग हो जाता है तो योग से उसका निदान संभव है। विशिष्ट प्रकार की योग क्रियाएं करने से व्यक्ति स्वयं को भीतर से शुद्ध कर सकता है। वर्तमान समय की भाग दौड़ भरी जिंदगी में थोड़ा समय स्वयं एवं योग के लिए अवश्य निकालना चाहिए। जिससे स्वस्थ भारत का निर्माण हो सके। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रामकृपाल ने भी योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया। योग प्रशिक्षक महेश श्रीवास ने योग के तरीके और नियमों की जानकारी दी। इस मौके पर अपर जिला जज विनीत नारायण पांडेय, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव विदुषी मेहा, सिविल जज वसुंधरा शर्मा, ग्राम न्यायालय के न्यायाधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, अपर उपजिलाधिकारी राजबहादुर, जिला शासकीय अधिवक्ता श्याम सुंदर मिश्रा, रवि श्रीवास्तव, चंद्रभान सिंह, धीरेन्द्र शर्मा, अनुराग जायसवाल आदि मौजूद रहे। मां के तेहरवीं के दिन की बेटे की मौत की खबर से पूरे इलाके में मातम छा गया है।