कृषि उपकरणों के वितरण पर जेडीए ने ने लगाई रोक, डीडीए से जवाब भी तलब
ये है मामला
90 लाख के कृषि उपकरणों की खरीदी में गफलत के आरोपों की जेडीए ने शुरू की जांच
भुगतान में कटौती पर एक फर्म को शोकाज
प्राप्त जानकारी के अनुसार इसीबीच पत्रा से चना और तिल बेचने के लिए कृषि उपज मंडी सतना में आए एक किसान को नकद भुगतान करने के एवज में अवैध रूप से कमीशन का कटौती किए जाने पर मंडी सचिव करुणेश तिवारी द्वारा शोकाज नोटिस जारी किया गया है। मंडी सचिव श्री तिवारी के मुताबिक सुनील कुमार सुशील कुमार को संबंधित किसान की शिकायत पर ट्रेस किया गया। भुगतान में अवैध कटौती की शिकायत सही पाई गई, जिसके लिए उक्त फर्म के प्रो. को नोटिस दी गई है। मंडी सचिव श्री तिवारी के मुताबिक इसके पहले भी कई वार फर्म के खिलाफ किसानों के भुगतान में अवैध कटौती की शिकायतों पर उक्त फर्म को आगाह किया गया था। लेकिन बुधवार को भी उसके खिलाफ प्राप्त शिकायत मिली जो सही पाई गई, जिसके संबंध में
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम के बीपीएल श्रेणी के किसानों को उनकी पसंद के अनुसार कृषि यंत्रों का वितरण किए जाने के निर्देश शासन द्वारा जारी किए गए थे। जिले में ऐसे करीब 900 किसानों को करीब 90 लाख रुपए के कृषि उपकरणों की खरीदी की जाकर वितरित किए जाने के लिए यहां कृषि विभाग के ब्लॉक मुख्यालयों में भंडारण करवाया गया था। मगर जब वितरण शुरू करवाया गया तो कई किसानों ने संबंधित कृषि यंत्रों को यह कहते हुए लेने से मना कर दिया कि यह न तो उनके द्वारा ऑनलाइन की गई च्वाइस नोटिस जारी की गई है। फिलिंग में शामिल थे न ही यह मानक गुणवत्ता के हैं। इसके बाद संबंधित किसानों की शिकायत पर जेडीए केएस नेताम 10 नवम्बर को उक्त मामले की जांच करने के लिए सतना डीडीए ऑफिस आए थे। इस दौरान उन्हें उक्त योजना के तहत चयनित कुछ किसानों ने जो बयान और दिए थे। इन्हीं सूत्रों के मुताबिक संबंधित उक्त शिकायतों की जांच में पाया गया कि संबंधित किसानों को उनके मांग पत्र के अनुसार कृषि यंत्रों का वितरण न किए जाने के सबब ही उनके द्वारा ऐसे कृषि उपकरण लेने से इंकार किया गया है।
रीवा संभाग के संयुक्त संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास (जेडीए) केएस नेताम द्वारा सतना के उपचालक कृषि (डीडीए) अहिरवार को किसानों की पसंद के विपरीत निःशुल्क वितरण के लिए कृषि यंत्रों की खरीदी और वितरण करवाए जाने के मामले में नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। जानकार सूत्रों के मुताबिक जेडीए द्वारा डीडीए को जारी नोटिस में निर्देशित किया गया है कि किसानों के मांग पत्र के विपरीत खरीदे गए कृषि उपकरणों का वितरण हरगिज न किया जाए। साथ ही उन्होंने डीडीए को यह भी निर्देशित किया है कि पूर्व में किसानों की चयनित सूची को निरस्त करते हुए नए सिरे से चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए उनकी पसंद के कृषि उपकरणों की खरीदी और भंडारण नियमों के तहत करते हुए जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मानक गुणवत्ता के कृषि यंत्रों का वितरण पात्र किसानों को किया किया जाए।
क्रय-विक्रय प्रतिबंधित जवाब के लिए 3 दिन की मोहलत
सचिव के मुताबिक तीन दिन के अंदर समाधान कारक जवाब प्रस्तुत न किए जाने पर उक्त फर्म के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। मंडी सचिव ने यह भी बताया कि नोटिस का जवाब मिलने तक उक्त फर्म का मंडी प्रांगण में क्रय-विक्रय तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है। एक अन्य मामले में मंडी सचिव ने तेवड़ा के स्टाक में कमी पाए जाने पर स्थानीय अंकित ट्रेडर्स से पांच गुना पेनाल्टी सहित मंडी टैक्स की राशि जमा करवाए जाने की कार्रवाई की जाएगी