बरेली में रविवार को बरेली में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने पैगंबर मोहम्मद पर की गई विवादित टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने में भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को दोहराया। विरोध प्रदर्शन के दौरान मौलाना तौकीर रजा खां ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को इस्लाम समझाने के लिए कलमा पढ़ने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को इस्लाम अपना लेना चाहिए। इस्लामिया ग्राउंड में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलाए गए विरोध प्रदर्शन में मौलाना तौकीर ने कहा कि इस वक्त देश में मुसलमानों के साथ अन्याय हो रहा। यह बात वह पूरी दुनिया को बताएंगे। इस मौके पर मैदान में भारी उमड़ी।
बरेली जिला प्रशासन ने शुक्रवार देर रात आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा को रविवार को प्रदर्शन की सशर्त अनुमति दी थी। जारी अनुमति पत्र में इस्लामिया ग्राउंड पर अधिकतम 15 सौ लोगों के साथ प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी। साथ ही प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की तकरीर या भाषण की अनुमति नहीं दी गई थी। साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग भी मानकों के अनुसार करने के लिए कहा गया था।
सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए मौलाना तौकीर ने कहा कि उन्हें प्रदेश के शासन से कोई दिक्कत नहीं है। योगी सबसे ज्यादा नापसंद थे मोदी से भी ज्यादा। लेकिन योगी राजधर्म का पालन कर रहे हैं। अयोध्या में नापाक इरादे से टोपी पहनकर आए लोगों को मुख्यमंत्री ने पकड़वाया।
अग्निपथ योजना को लेकर मौलाना तौकीर रजा ने तंज कहा। उन्होंने कहा कि जब योजना का नाम ही अग्निपथ है तो आग लगनी तय ही है। उन्होंने युवाओं के समर्थन की भी बात कही।विरोध प्रदर्शन को लेकर सुबह से ही शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। पुराने शहर के मुख्य बाजार सैलानी की दुकानें बंद रहीं। रात से ही पीएसी के जवान तैनात रहे। पुलिस ने भी चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए। श्यामगंज चौराहे पर आरएएफ व पीएसी को तैनात किया गया और बैरिकेडिंग लगाई गई।
आईएमसी जिलाध्यक्ष मोहम्मद फरहत खां, महानगर अध्यक्ष मखदूम बेग ने पिछले दिनों जिला प्रशासन को प्रदर्शन की अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें इस्लामिया ग्राउंड में दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक आईएमसी के मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां द्वारा नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन का जिक्र किया था। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपने की बात कही थी। जिस पर जिला प्रशासन ने मंथन के बाद शुक्रवार की देर रात सशर्त अनुमति प्रदान की थी।
शर्तों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने, ध्वनि विस्तारक यंत्र अधिकतम 65 डेसीबल में बजाए जाने और धार्मिक स्थल पर ध्वनि विस्तारक यंत्र के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया था। साथ ही अस्त्र-शस्त्र, डंडे, लाठी, भाले, तीर आदि हथियारों को ले जाने पर रोक लगाई थी।