आबकारी अधिकारी संदेह के घेरे में, इन दिनों शराब पैकारियों का कार्य दिन प्रतिदिन जोरों पर-आंचलिक ख़बरें-रमेश कुमार पाण्डे

News Desk
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गांव-गांव, होटल ढाबे से लेकर किराना दुकान तक बिक रही खुलेआम अवैध शराब

जिला कटनी – इन दिनों जगह- जगह अबैध पैकारी दारू की चर्चाएं जोरों से हैं और हों भी क्यूं न क्यूंकि दारू तो पकड़ नहीं जा रही अगर पकड़ जा रही हैं तो जिम्मेदार उनके ऊपर मेहरबान हों जाते हैं।अपने नंबर बढ़ाने के लिए विभागीय अधिकारी छापा डालते हैं और कार्रवाई भी करते हैं। इसके बाद भी उन्हीं जगहों पर शराब का यह अवैध धंधा चलने लगता है। इसके लिए संबंधित थाना क्षेत्र के बीट प्रभारी और आबकारी विभाग में मानीटरिंग करने वाले अफसर भी जिम्मेदार है। शराब माफियाओं द्वारा पुलिस थानों एवं विभागीय अधिकारियों से सांठगांठ कर खुलेआम अंग्रेजी शराब का गांव गांव परिवहन कर बिक्री की जा रही हैं। तहसील ढीमरखेड़ा एवं उमरियापान क्षेत्र में रात 8 बजे के बाद तक और सुबह 11 बजे से पहले शराब बेची जा रही है। दुकानदार टाइम के बाद अलग कमरों में शराब बेच रहे हैं। इतना ही नहीं, सूत्रों की माने तो बेबाकी से बोल भी रहे हैं कि गोरखधंधे की मोटी कमाई का हिस्सा अधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा है। कई ढाबों और होटलों में आधी रात को आसानी से शराब मिल रही है।ग्राम पंचायत ठिर्री में चल रही अवैध पैकारियो को बंद कराने के लिए सरपंच छवि गौतम की बहुत अच्छी पहल सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा- मुक्ति अभियान में अपनी विशेष सहभागिता निभाई है और तहसीलदार को ज्ञापन सौपा गया है,चल रही अवैध पैकारियो को बंद कराया जाए। ग्राम सभा में आपसी सहमति से बात रखी गई कि अवैध शराब दुकान को बंद किया जाए क्यूंकि पैकारियों के खुले रहने से युवावर्ग को आसानी से शराब उपलब्ध हो जाती है। युवा वर्ग शराब के नशे में चूर होकर घर परिवार में अशोभनीय मान सम्मान के खिलाफ वातावरण पैदा कर रहे हैं तथा राहगीर लोगों पर अश्लील टिप्पणी कर शांति भंग करते हैं।उक्त सब परिस्थितियों में सबसे अधिक स्कूली बच्चियां व महिलावर्ग प्रताड़ित हो रही है। शासन के द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान के तहत ठिर्री मे चल रही अवैध पैकारियो को बंद कराया जाए।ढाबों एवं अवैध दुकानों में कीमत से पचास, सौ रुपए तक ज्यादा वसूली की जा रही है। आबकारी अधिकारी कार्रवाई ही नहीं कर रहे हैं, न ही पुलिस नियमों का पालन करवा रही है। कहीं तो थानों चौकियों से पांच सौ मीटर की दूरी पर लेटनाइट शराब बिक रही है। बिक्री का समय तय होने के बावजूद नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। प्रदेशभर में शराब नीति लागू हैं पर नियमोें को धत्ता बताया जा रहा हैं।आवागमन रोड से डेढ़ सौ मीटर दूर शराब की दुकान खाेलने के नियम भी नहीं मान रहे हैं। सरकार को राजस्व हानि हो रही है तो शराब माफिया को भी सह मिल रही है।WhatsApp Image 2023 01 28 at 11.51.46 AM

शराब पिलाने होटलों में बनाए स्पेशल कमरे, देर रात परोसी जाती है शराब

होटल संचालकों ने शराब पिलाने के लिए स्पेशल कमरे बना रखे हैं। देर रात शराब के शौकीनों को भरोसा दिलाया जाता है कि पुलिस कार्रवाई नहीं होगी। खुद दुकानदारों ने अपनी दुकानों के पास कमरे बना दिए हैं। 8 बजे बाद गैर- कानूनी मयखानों में लोगों को बैठा कर मस्ती से शराब परोसी जा रही है। दुकानें, होटल और ढाबे रसूखदारों के होने से अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

आबकारी-पुलिस को सब पता, मिलीभगत के कारण चुप

अधिकारियों पुलिस को रात 8 बजे बाद शराब बेचे जाने का पता है, लेकिन मिलीभगत के कारण चुप है। ऐसा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का कहना है। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जिम्मेदारों को सब पता है तो कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं।

दुकान के अंदर सेल्समैन, बाहर आदमी ग्राहक तलाशता है

अवैध दुकान के अंदर एक सेल्समैन बैठा रहता है। बाहर उसका आदमी घूमता रहता है। देर रात ग्राहक आने पर वह बाहर से मोबाइल या दुकान के शटर पर नोक कर सूचना देता है। सेल्समैन शटर थोड़ा सा खोलकर बोतल देता है। मनमानी कीमत ले लेता है।

अबैध शराब पैकारियों को बंद कराने ढीमरखेड़ा क्षेत्र से लगातार शिकायत

यही नहीं अबैध रूप से संचालित शराब पैकारियों को बंद कराने के लिए ढीमरखेड़ा क्षेत्रीय सरपंच, जनपद अध्यक्ष ढीमरखेड़ा, बजरंग दल अन्य ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायत संबंधित अधिकारीयों को दी जा रही है किन्तु अधिकारियों के मौन रवैया के कारण संबंधित संदेह के घेरे में है।

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