झाबुआ / भारतीय इतिहास में 15 अगस्त का दिन हमारे लिए विशेष महत्व है । अग्रेजों की लगभग 150 वर्षों की गुलामी के बाद क्रांतकारियो और बलिदानियों के अथक प्रयासों से भारत स्वतन्त्र हुआ । हम आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं ।असंख्य देश भक्तों को जिन्होंने परोक्ष या अपरोक्ष रूप आजादी के आंदोलन में अपनी भूमिका निभाई आजादी के 75 वें अमृत महोत्सव में उन्हें स्मरण करते हुए याद किया जा रहा है । देश की युवा पीढ़ी आजादी के महत्व को समझें ।
इस आजादी के 75 वें अमृत महोत्सव में शासकीय प्राथमिक विद्यालय, ग्राम भोयरा में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिलाध्यक्ष एवं भारत माता अभिनंदन संगठन के ज़िला संयोजक भेरूसिंह चौहान “तरंग” के मुख्य आतिथ्य , प्रबुद्ध नागरिक संघ के ज़िला संयोजक गणेश प्रसाद उपाध्याय की अध्यक्षता एवं समावेश संस्था के कोर्डिनेटर भोपाल से धूलेश्वर रोत के विशेष आतिथ्य में मां सरस्वती जी की प्रतिमा एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
इस अवसर पर सरस्वती वंदना विद्यालय की छात्राओं ने मधुर कंठ से की।
इस अवसर पर भेरूसिंह चौहान “तरंग” ने कहा कि –
भारत को स्वतंत्र हुए 75 वर्ष हो चुके हैं । पूरा देश ही स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष में “आजादी का अमृत महोत्सव” मनाकर उन आज़ादी के मतवालों बलिदानियों को याद किया जा रहा है । आजादी के महासमर में हंसते हंसते अपने प्राणों का बलिदान देश भक्तों ने कर दिया । आजादी के हवन में असंख्य देश भक्तों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से अपने प्राण न्यौछावर कर दिए । इतिहास ने अनेकों देश भक्तों ,क्रांतकारियों और बलिदानियों को भुला दिया है । आज़ादी के इस 75 वें अमृत महोत्सव में उन्हें याद किया जा रहा है । इस मौके पर तिरंगे का महत्व बताते हुए अपनी स्वरचित रचना “नन्हा सिपाही भारत मां का”, जश्ने आजादी और बच्चों की रचनाएं सुनाई और तालियां बटोरी । गणेश प्रसाद उपाध्याय ने बच्चों को बताया कि आजादी के लिए अनेकों देश भक्तों ने अपना बलीदान दिया । उन्होंने शहीद चंद्र शेखर आज़ाद , भगतसिंह राजगुरु, सुखदेव , स्वामी विवेकानंद के जीवन वृतांत पर प्रकाश डालते हुए देश भक्ति का संचार बच्चों में किया ।धूलेश्वर रोत ने राजस्थान की वीर बालिका “कालीबाई ” की कहानी को पटल पर रखते हुए देश प्रेम का अलख जगाते हुए गुरु की महिमा और बालिका “काली बाई की गुरु भक्ति को बताया । विद्यालय के प्रधानाध्यापक कैलाशचंद्र त्रिपाठी ने भी विद्यालय की गतिविधियों की पर प्रकाश डाला । उनके द्वारा बनाई गईआज़ाद वाटिका का भी जानकारी दी । शिक्षक जितेंद्र माल्या ने विद्यालय की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए बाल कविता ” हरे रंग का मैं हूं तोता ” अपने अंदाज में बेहतरीन तरीके से प्रस्तुती दी । कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के संस्था प्रधान शिक्षक पंडित कैलाशचंद्र त्रिपाठी ने किया । अपने विचार व्यक्त करते हुए आभार माना शिक्षक राजेंद्रसिंह चौहान ने । इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी मौजूद थे ।