प्लॉटिंग कर बेच रहा था, प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
हिस्ट्रीशीटर से मुक्त कराई 2.35 करोड़ की सरकारी जमीन, अवैध निर्माण ध्वस्त
कुख्यात अपराधी और भूमाफिया प्रदीप उर्फ गोल्डी सोनकर के हाईकोर्ट सोसायटी के पीछे नयागांव छापर में सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए अवैध मकानों को जमींदोज कर दिया गया। जिला प्रशासन ने पुलिस और नगर निगम के साथ मिलकर कार्रवाई की। जमीन की कीमत 2 करोड़ 32 लाख, मकानों का मूल्य 10 लाख रुपए आंका गया।
जबलपुर गुप्तेश्वर रोड सेठी नगर निवासी प्रदीप उर्फ गोल्डी सोनकर ने 25 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था। इसमें से एक हजार वर्गफीट पर दो मकान बना लिए थे। सूत्रों का कहना है कि यहाँ से वह अपराधों को अंजाम देता था। आसपास रहने वाले लोग भी उसकी आपराधिक गतिविधियों से परेशान थे उस पर जिलाबदर की कार्रवाई हो चुकी है।
कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन एवं एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए संयुक्त टीम का गठन किया। गोरखपुर तहसील के अंतर्गत खसरा नम्बर 26/1 की भूमि पर कब्जा कर प्लॉटिंग की जा रही थी प्रशासन पुलिस और नगर निगम के अधिकारी दोपहर में अतिक्रमण दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे। वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जेसीबी से पहले मकानों को गिराया गया।
तहसीलदार राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि भूमाफिया के अवैध कब्जों को हटाकर शासन ने जमीन अपने कब्जे में ली है।
कई अपराध दर्ज
पुलिस के अनुसार गोल्डी सोनकर पर हत्या का प्रयास, अवैध वसूली, आर्म्स एक्ट, बलवा, घर में घुसकर मारपीट आदि के 14 अपराध दर्ज है। कारवाई के दौरान नायब तहसीलदार राजेंद्र शुक्ला, थाना प्रभारी गोरखपुर एसपीएस बघेल, चौकी प्रभारी धनतवरी, नगर उप निरीक्षक सतीष झारिया, राजस्व निरीक्षक शैलेंद्र श्रीवास्तव, पटवारी किशोरी विश्वकर्मा व निगम के अतिक्रमण दस्ता प्रभारी नरेश कुशवाहा अतिक्रमण बल के साथ मौजूद थे।
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस बल
सरकारी जमीन पर मकान बनाकर खुलवा दी शराब की दुकान
जबलपुर, हिस्ट्रीशीटर गोल्डी के बाद उसके पिता कुंदन सोनकर का भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा मिला। कुंदन ने गुप्तेश्वर मार्ग सेठीनगर में सीलिंग की जमीन पर कब्जा कर मकान बनाया और उसे शराब की दुकान के लिए किराए पर दे दिया। प्रशासन वहां पहुंचा लेकिन
शासकीय शराब दुकान होने से कार्रवाई रोक दी गई। नायब तहसीलदार राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि पटवारी हल्का नंबर 22 का एक प्रकरण उनके न्यायालय में प्रचलित है। प्रदीप उर्फ गोल्डी सोनकर और कुंदन सोनकर ने शासकीय भूमि पर मकान बना रखा है।

