यूपी पुलिस के दारोगा ने बरेली में न्यायाधीश पर अपमानजनक टिप्पणी कर दी। ऐसी टिप्पणी करने वाले दारोगा हैं बरेली के श्यामगंज चौकी इंचार्ज सतीश कुमार। उन्होंने कोर्ट अमीन से कहा कि अगर हम आदेश का पालन नहीं करेंगे तो क्या तुम्हारे ज्ञानवापी वाले जज साहब हमें फांसी लगा देंगे?
इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक कह दिया कि तुम्हारे साहब ने मोटी रकम लेकर आदेश कर दिया होगा। अपमानजनक टिप्प्णी पर सिविल कोर्ट ने चौकी इंचार्ज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने कहा कि इस मामले में बारादरी इंस्पेक्टर नीरज मलिक की भी लापरवाही है।कोर्ट अमीन ने कहा कि यह आदेश ज्ञानवापी प्रकरण वाले साहब ने किया है। इस पर चौकी इंचार्ज बोले कि साहब से कह दो यह बरेली है, बनारस नहीं। मर्जी का मालिक हूं। इच्छा होगी जाऊंगा, वरना नहीं। चौकी इंचार्ज ने कोर्ट कर्मचारियों से यह भी कहा कि तुम्हें कुछ मिला भी है या ऐसे ही घूम रहे हो।
पुलिस को क्या नौकर समझ रखा है? आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने कोर्ट कर्मचारियों से अभद्रता भी की। कब्जा दखल कार्रवाई के बाद चौकी इंचार्ज ने कोर्ट के कागजों पर हस्ताक्षर करने से भी इन्कार कर दिया। बोले, ऐसे दखल उन्होंने बहुत कराए हैं। वह खुद भी 15 वर्षों तक कोर्ट में रहे हैं।रोशनी कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड बनाम कुलवंत सिंह केस में आदेश के अनुपालन के लिए मामला वर्ष 2016 से लंबित है। कब्जा दिलाने के लिए न्यायालय ने पुलिस बल लेने को कहा। 27 जुलाई को कोर्ट अमीन अर्दली के साथ थाना बारादरी पहुंचा। शुरू में इंस्पेक्टर ने चौकी जाने को कहा।
चौकी इंचार्ज ने समय की कमी बताई। तब कोर्ट कर्मचारी पुन: थाने पहुंचे। इंस्पेक्टर ने एक सिपाही को साथ भेज दिया। चौकी इंचार्ज ने पुलिस बल मांगने पर कोर्ट अमीन के समक्ष न्यायालय के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि यदि किसी लोक सेवक द्वारा ऐसा आचरण किया जाएगा तो आदेशों का अनुपालन कैसे संभव होगा?