मैहर के बहुचर्चित जमीनी घोटाले में कूटरचित नक्शे की इंट्री-आंचलिक ख़बरें-मनीष गर्ग

News Desk
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कौन है दोषी अधिकारी या कर्मचारी किसके इशारे से यह खेल खेला गया यह जांच का विषय है?

मैहर के बहुचर्चित जमीनी घोटाले में कूटरचित नक्शे की इंट्री
त्रिकूट वासिनी मां शारदा की नगरी मैहर में हुए मां शारदा गृह निर्माण समिति की जमीनों के घोटाले में कूटरचित नक्शा सामने आने के बाद यह सवाल अहम हो गया है कि प्रशासन क्या इस मामले की जांच को अंजाम तक पहुंचा पाएगा? सबसे बड़ा सवाल यह है कि नक्शे में कूटरचना करने वाले आरोपियों को क्या प्रशासन चिन्हित कर उन्हें इसकी सजा दे पाएगा? सवाल इसलिए क्योंकि यदि नक्शे में कूट रचना हुई है तो इसमें कर्मचारियों की मिलीभगत की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि एसडीएम के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय टीम क्या उन कर्मचारियों की गर्दन तक पहुंच पाएगी जो इस कूट रचना में संलिप्त हैं।[pdf-embedder url=”https://aanchalikkhabre.com/wp-content/uploads/2023/01/Old-map.pdf” title=”Old map”]
आवासहीन कर्मचारियों के बजाय दिग्गजों ने बुक कराए थे प्लाट
यूं तो तत्कालीन समिति अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने जब कालोनी का खाका बनाया था तब निश्चय किया गया था कि आवासहीन कर्मचारियों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे लेकिन यदि लिस्ट देखा जाए तो शारदा गृह निर्माण समिति से कई दिग्गजों ने भूखंड बुक कराए थे। पूर्व विधायक मथुरा पटेल के अलावा लिस्ट में कई ऐसे बड़े नाम है जिन्होंने उस दौरान समिति के भूखंड खरीदे थे।
जिसे बहुत ही सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है। वर्ष 1998 में मां शारदा गृह निर्माण समिति के बैनर तले आवासहीन कर्मचारियों को सुविधायुक्त कॉलोनी बनाने की रूपरेखा तैयार की गई। तत्कालीन समिति अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने पहल करते हुए समिति की ओर से 5 एकड़ भूखंड भी लिया और 117 प्लाट उसमें तैयार किए गए। नगर ग्राम निवेश में समिति को आवास बनाने की स्वीकृति भी दे दी। हालांकि इसके बाद भी समिति कालोनी निर्माण का काम शुरू नहीं कर सकी। लोग प्लाट लेकर शांत बैठे रहे लेकिन मामले ने यू टर्न कब लिया जब 2005-06 में मैहर सीमेंट के तत्कालीन पीआरओ मनोज रजक ने समिति अध्यक्ष का दायित्व सम्हाला अध्यक्ष बनते ही मनोज ने पहले कांस्ट्रेक्शन कम्पनी पराग इंडस की इंट्री कराई और कालोनी बनाने का खेल शुरू किया। बताया जाता है कि कालोनी निर्माण फेल हुआ तो उक्त आराजी बेंच दी गई,[pdf-embedder url=”https://aanchalikkhabre.com/wp-content/uploads/2023/01/New-doc-5-Jan-2023-19.22.pdf” title=”New doc 5 Jan 2023 19.22″]
क्या है मामला
मामला मैहर में एक जमीन को दो बार बेंचने का जिसे नरेश कैला द्वारा खरीदा गया। इस मामले में मनोज रजक ने जहां समिति पर भरोसा कर प्लाट खरीदने वालों को छला तो वहीं जमीन बेंचकर कैला परिवार को भी छला गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब समिति से खरीदे गए प्लाटों मे से एक प्लाट नं. 36 (आराजी नं. 5/3/1 ख) के संबंध में मैहर सीमेंट के पूर्व सेल्स एंड परचेज हेड पीएम इंतोडिया ने दावा किया कि उक्त प्लाट की वे पूर्व में रजिस्ट्री करा चुके हैं ऐसे में उनके प्लाट को मनोज रजक द्वारा कैसे बेचा जा सकता है? पीएम इंतोडिया द्वारा लगाए गए इस सनसनीखेज आरोप की जांच एसडीएम के निर्देश पर पांच सदस्यीय टीम ने शुरू कर दी है। अब जांच टीम के समक्ष एक बड़ा यक्ष प्रश्न जमीन के इस फर्जीवाड़े में संलिप्त उन कर्मचारियों को चिन्हित करना है जिन्होंने दस्तावेजी करतब दिखाए और भू स्वामी की जानकारी के बिना ही नक्शा परिवर्तित करा प्लाट बेंचने में रहस्यमयी भूमिका निभाई।

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