कलेक्टर श्री सौरव कुमार सुमन ने आज शुक्रवार को जिला अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें सीएम हेल्पलाइन संबंधित शिकायतों का निराकरण आवेदकों की संतुष्टि के साथ ही करने के स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की कोई भी शिकायत अन अटेण्डेण्ट नहीं रहनी चाहिए। यदि कोई शिकायत स्पेशल क्लोजर के लिए प्रस्तावित की जानी है तो इसका भी अधिकारियों को तर्कसंगत कारण बताना होगा। उन्होंने कहा कि स्पेशल क्लोजर के लिये प्रस्तावित की जाने वाली शिकायतों की वे खुद मानीटरिंग करेंगे। कलेक्ट्रेट के कक्ष क्रमांक सात में आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत की सीईओ डॉ. सलोनी सिडाना, अपर कलेक्टर शेर सिंह मीणा एवं विमलेश सिंह, जिला प्रबंधन ई-गवर्नेस चित्रांशु त्रिपाठी भी मौजूद थे। सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, तहसीलदार एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व्हीसी के माध्यम से इस बैठक से जुड़े। कलेक्टर ने बैठक में सभी विभागों के जिला अधिकारियों से कहा कि उन्हें जिला स्तर के साथ-साथ विकासखण्ड स्तर पर प्राप्त होने वाली सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की भी दिन- प्रतिदिन मानीटरिंग करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों का आवेदक की संतुष्टि के साथ निराकरण करने के निर्देश देते हुये कहा कि इससे यह साबित होगा कि अधिकारियों का आम नागरिकों की समस्याओं के प्रति क्या रूख हैं और लोगों के साथ उनका व्यवहार कैसा है।
श्री सुमन ने बैठक में सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त ऐसी शिकायतें जिनमें मौके पर जाकर जांच करने की आवश्यकता हो, जांच के लिए अधिकारियों की अलग-अलग टीम बनाने कहा। उन्होंने 50 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निराकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश भी बैठक में दिये । कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की समय सीमा प्रकरणों की बैठक में गहन समीक्षा की जायेगी। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को शिकायतों के लंबित रहने के कारण भी बताने होंगे।