फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी ने जांच के दिए निर्देश-आँचलिक ख़बरें-अश्विनी कुमार श्रीवास्तव

News Desk
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चित्रकूट।जिला के कर्वी खंड विकास के ग्राम पंचायत अकबरपुर(ब) में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। एक ओर जहां फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को सही साबित करने के लिए पूर्व ग्राम प्रधान के पुत्र वह मृतक के परिजनों के द्वारा गांव में घूम घूम कर लोगों से हस्ताक्षर कराने का कार्य किया जा रहा था तो वही अब जिला पंचायतराज अधिकारी ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के जांच करने के निर्देश खंड विकास कर्वी के अधिकारी को दिया है। जांच पत्र में जिला पंचायत राज अधिकारी ने कहा कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के प्रकरण की सघन जांच कर कार्यालय को अवगत कराएं ताकि मुख्य विकास अधिकारी को संबंधित प्रकरण के जांच का प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया जा सके। सारा मामला यह है कि पूर्व में 10 अक्टूबर 2020 को एक महंत रामस्वरूप दास जी की मृत्यु दतिया जिला के तहसील भांडेर के ग्राम चंद्रोल में हुई थी। मृत्यु के बाद महंत का अंतिम संस्कार भी चन्द्रोल में किया गया है और आज भी दतिया जिला के ग्राम चंद्रोल में समाधि बनी हुई है। और मृतक महंत का मृत्यु प्रमाण पत्र भी वही से जारी किया गया है। लेकिन जब यह जानकारी मृतक महंत अकबरपुर निवासी रामस्वरूप दास जी के परिजनों को लगी तो परिजनों के द्वारा पूर्व प्रधान गैबीशरण से साठगांठ करके ग्राम पंचायत अधिकारी रामशरण राही से अकबरपुर ग्राम पंचायत से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र महंत रामस्वरूप दास जी का दूसरे नाम से जारी करा लिया गया बताया जा रहा है कि महंत बनने से पहले महंत रामस्वरूप दास जी को अकबरपुर में लोग रामसनेही उर्फ रामगोपाल के नाम से जानते थे। जिसका फायदा पूर्व प्रधान गैबीशरण के द्वारा मृतक महंत के परिजनों से लगभग ₹50000 की राशि लेकर पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारी से सांठगांठ करके मृतक महंत राम स्वरूप दास जी का दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। जब इसकी भनक अकबरपुर निवासी अश्विनी कुमार श्रीवास्तव पत्रकार को लगी तो इनके द्वारा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर अखबार की सुर्खियां में लाया गया और फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जो ग्राम पंचायत अकबरपुर से जारी किया गया है उसका खुलासा करने के लिए जिले के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की गई। लेकिन देखने में यह आया कि जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र की वास्तविक जांच ना करके अपने अधिकारों का हनन करने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी का ही पक्षदारी किया जाने लगा।

पत्रकार ने कहा यदि जांच में की गई लीपापोती तो कोर्ट का लूंगा शरण- अकबरपुर ग्राम पंचायत में जारी फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर पत्रकार अश्विनी श्रीवास्तव ने कहा कि मेरे द्वारा ग्राम पंचायत अकबरपुर से जारी किए गए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र व दतिया जिला के चंद्रोल ग्राम पंचायत से जारी किए गए मृत्यु प्रमाण पत्र की सत्य प्रति सूचना अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत आवेदन प्रस्तुत कर मांगा गया है। जो जल्द पत्रकार के हाथ लगने वाले हैं यदि जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा सत्यता की जांच ना करते हुए दोषियों पर कार्रवाई ना करके जांच में लीपापोती की गई तो सूचना अधिकार से प्राप्त दोनों मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर कोर्ट की शरण लूंगा और दोषियों के साथ दोषियों का साथ देने वाले उन सभी के कारनामों को लेकर कोर्ट में जाऊंगा जिन्होंने अपने अधिकार का जांच के दौरान दुरुपयोग किया है वही देखना अब यह है कि जिले के जिम्मेदार अधिकारी फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर क्या कार्यवाही करते हैं।

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