जिला कटनी – ज्ञान तीर्थ स्वर्ग धाम विलायत कला जो कि त्यागी जी महाराज की पवित्र तपोभूमि है यह दुनिया का ऐसा पवित्र तीर्थ है जहाँ लेना नही सिर्फ बाँटना ही जानते हैं त्यागी जी दुनिया भर मे हनुमान जयंती बङे हर्ष के साथ मनाते है।
भक्त बने तो हनुमान जी जैसा बने
समर्पण का अथाह सागर हनुमंत भक्ति में जहा प्रेम ही प्रेम धीर वीर गंभीर राम दुलारे हनमत प्यारे सबके सच्चे मार्गदर्शक है जिनके अंदर छल कपट अहंकार कुछ भी नही सदा ही सेवा सुमिरण और सत्संग का भाव देखने को मिला ।
शक्ति याद दिलानी पङती है
यह बहुत सामान्य बात है कि लोग अपनी शक्ति को भी भूल जाते है जबकि परमात्मा ने हमे असीम शक्ति का मालिक बना कर भेजा है फिर भी हम अपनी शक्ति को भूल कर बौने हो जाते है जिसका लाभ नकारात्मक लोग उठा लेते है लेकिन भगवान राम की कृपा से हनुमान जी को उनकी शक्ति याद दिलायी और आज परिणाम सामने है ।
राम काज कीन्हे बिना मोहि कहाँ विश्राम
दुनिया का पहला स्वर्ग निर्माण धरती पर करने संकल्पित त्यागी जी ने भी यही बताया की राष्ट्र काज कीन्हे बिना मोहि कहाँ विश्राम यह संकल्प हर मानव को लेना होगा त्यागी जी ने बच्चो वृद्ध जनों महिला पुरुष सभी को धर्म के उत्थान मे सहायक बनने संकल्प दिलाये यू तो स्वर्ग धाम मे निरंतर भोजन शिक्षा और संस्कार के साथ हर जरूरतमंद की आवश्यकता की चीज उनके सम्मान के साथ देने का प्रयास रहता है त्यागी जी आश्रम विश्व सेवा समिति मे कोई निश्चित समय नही होता कुछ भी बांटने का जब जैसी जरूरत वैसी सेवा जिसमें सब कुछ उस परम सत्ता की कृपा से ही है लाखो लोगो को भोजन वस्र के साथ हर तरह का सहयोग दे चुके पृकृति पुत्र त्यागी जी ने कहा यह हमारे बस की बात नही है जो हो रहा है वह जो कर रहा है वही जाने कि कैसे सम्हालता है परमात्मा।
हर जङ चेतन मे परमात्मा के दर्शन करें हम सब। कर्मयोगी पृकृति पुत्र त्यागी जी ।