पन्ना कलेक्टर द्वारा प्रत्येक मंगलवार को कलेक्ट्रेट मे सुनी जाती है जनसुनवाई जो मजाक बनकर रह गई-आंचलिक ख़बरें -महबूब अली

News Desk
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पवई विधानसभा जिला मुख्यालय से 70 कि.मी. दूर है ग्रामीण क्षेत्रों से अपनी फरियाद सुनाने आये ग्रामीण ।

2.घंटो खड़े रहे ग्रामीण अपनी समस्या बताने।

3.नही आया आवेदन लेने जिम्मेदार अधिकारी।

4.गुस्साये ग्रामीणों ने जमकर की नारेबाजी।

5.पवई के ग्राम जनपुरा से वनाधिकार के संबंध में आये थे ग्रामवासी।

मध्यप्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान के द्वारा गरीब, बेबस औऱ अंतिम छोर के व्यक्तियों की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई शुरू की गई थी जिसका उद्देश्य था कि सभी विभाग के विभाग प्रमुख एक ही स्थान पर मिले और लोगो की समस्याओं का तत्काल निराकरण हो सके। लेकिन पन्ना में जनसुनवाई महज एक मजाक बन कर रह गई। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पन्ना में दूरस्थ क्षेत्र से आये आदिवासी कई घंटों का ज्ञापन देने के लिए खड़े रहे लेकिन कोई भी सक्षम अधिकारी उनका आवेदन लेने नही आया जिससे गुस्साये ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी क्या है पूरा मामला देखे इस रिपोर्ट में,,,,,

1 बतादें कि प्रत्येक मंगलवार को पन्ना के स्थानिय कलेक्ट्रेट भवन में जनसुनवाई आयोजित की जाती है। जिसमे पन्ना जिले के दूरस्थ क्षेत्र ग्राम जनपुरा-बिरवाही के लगभग दो दर्जन ग्रामीण और महिलाएं वनाधिकार प्रदान किये जाने की समस्या लेकर कलेक्टर के नाम आवेदन देने आये थे। लेकिन जब ग्रामीण आवेदन देने कलेक्ट्रेट पहुँचे तो उन्हें ज्ञापन देने के लिए कोई सक्षम अधिकारी नही मिला घंटो इंतिजार करने के बाद भी जब कोई अधिकारी नही आया तो ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे। किस तरह तहसीलदार बाहर आये और ग्रामीणों का आवेदन लेकर समस्या के निराकरण की बात कही तब जा कर ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीणों का कहना है कि सभी लोग पहाड़ी क्षेत्र के निर्धन व गरीब है उनके पास कृषि भूमि नही है। इसलिए सभी गांव में गोवरदा बौलिया बीट अंतर्गत वन भूमि पर कब्जा कर कृषि कार्य कर अपना तथा अपने परिवार का भरण पोषण करते है। उक्त भूमि पर लगभग 20 से 25 वर्षो से कृषि कार्य करते चले आ रहे है। वन अधिकार अधिनियम 2005 के तहत वन भूमि पर काबिज व्यक्तियों का पट्टा प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।आवेदन गण भी उक्त भूमि पर पिछले 25 वर्षों से ग्राम जनपुरा-बिरवाही में कृषि कार्य करते चले आ रहे हैं आवेदक गणों ने लगभग 150 एकड़ भूमि पर कृषि कार्य कर खेती-बाड़ी कार्य करते चले आ रहे हैं लेकिन आवेदन गणों को आज दिनांक तक वन अधिकार अधिनियम 2005 के तहत पट्टा प्रदान नहीं किया गया है आवेदनगणों को वन भूमि अधिकार के तहत पट्टा प्रदान कर दिया जाए इस बाबत ग्राम पंचायत घुटेही जनपद पंचायत पवई द्वारा दिनांक 4 अक्टूबर 2017 को इस बात का प्रस्ताव पारित किया गया है बावजूद इसके उन्हें अभी तक वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टा प्रदान नहीं किया गया है। वही इस पूरे मामले में तहसीलदार का कहना है कि आवेदन दिया गया है जांच कर कार्यवाही की जाएगी।

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