चित्रकूट भीषण गर्मी ने पाठा में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गर्मी के चलते यहां लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। आलम यह है कि अप्रैल के महीने में ही पानी की भीषण सुदूर क्षेत्र के जल स्रोतों से पानी लाने के लिए मजबूर हैं। वहां के लोग गंदा पानी पीने के लिए मजबूर है बताया गया है कि पाठा का रामपुर गांव के राजेश सिंह, सुरेश प्रसाद, ने बताया की भीषण गर्मी से पानी की किल्लत हो रही है
ऐसे में आशंका जताई जा किहुनिया के भोला द्विवेदी, ऊंचाडी के गंव के रही है कि मई-जून माह में पानी का संकट मजरा औमनीपुरवा के कोलान बस्ती के लोगों को तहस-नहस कर सकता है। बताया राजन, पप्पू ने बताया कि कई साल से यहां पर गया है कि पेयजल के लिए जूझ रहे ग्रामीण पानी की समस्या है।
नीचे चला गया जलस्तर
इलाका पथरीला है, जिस कारण यहां अन्य बताया गया है कि यहां पर लगभग आधा क्षेत्रों की अपेक्षा ज्यादा गर्मी पड़ती है। भीषण दर्जन हैंडपंप लगे हैं लेकिन गर्मी के दिनों में गर्मी के कारण यहां पर लगे हैण्डपंप गर्मी शुरू जलस्तर नीचे चले जाने से पानी नहीं दे पा रहे होते ही सूख जाते हैं। इस बार अप्रैल माह में हैं। जलस्तर नीचे जाने से कुसमई, ऊंचाडीह, ही अधिक गर्मी पड़ने के कारण समस्या बढ़ उमरी, खिंचरी, मारकंड़ी, किहुनिया, रामपुर, गई है। मवेशियों के लिए भी पानी नहीं मिल सपहा, बड़ी मडैयन, इटवा, कल्याणपुर डोडा रहा है। हालत यह हो गई है कि महिलाएं गांव माफी, अमचुरनेउरा आदि गांवों के साथ ही के बाहर बने जलस्रोतों से पानी ला रही हैं। मानिकपुर कस्बे में हर साल पानी की समस्या के कारण नलों में गंदा पानी पीने को मजबूर विकराल रूप ले ली है