सतना भगवान राम के प्रतिज्ञा स्थल में खनन अनुमति दिए जाने के बाद खड़े हुए जन आंदोलन और जनाक्रोश का मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने सिद्धा पहाड़ की न केवल खनन लीज निरस्त की, बल्कि इस धर्म स्थल पर विभिन्न विकास कार्य किए जाने की घोषणा भी की। शासन स्तर पर सीएम की घोषणाओं की नियमित मॉनीटरिंग भी की जाती है। इसमें हर घोषणा को उनकी गंभीरता के हिसाब से अलग- अलग श्रेणियों में रखा जाता है। सिद्धा पर्वत को लेकर की गई सीएम की घोषणा को ए प्लस श्रेणी में रखा गया है, लेकिन आज तक सिद्धा धर्म स्थल के विकास घोषणाओं पर काम शुरू नहीं हो सका है।
दरअसल, अगस्त 2022 में प्रभु श्री राम के प्रतिज्ञा स्थल सिद्धा पहाड़ में खनन लीज दिए जाने का मामला सामने आने के बाद जन-जन में आक्रोश फैल गया था। इसकी जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान में लिया व राम
घोषणा पर गंभीरता नहीं
राम प्रतिज्ञा स्थल जैसे मुद्दे की गंभीरता के बाद भी इन कामों की शुरुआत तो दूर इनके लिए बजट की व्यवस्था नहीं हो सकी है। न तो शासन न ही जिला स्तर पर बजट
को लेकर कोई ठोस निर्णय लिया जा सका है। जबकि पैदल पथ का निर्माण और फेंसिंग का काम आसानी से किया जा सकता है। लेकिन मामला गठंडे बस्ते में है।
डीएमएफ मद से प्रस्ताव राज्य शासन को अनुमोदन के लिए भेजा गया है। अनुराग वर्मा, कलेक्टर
प्रतिज्ञा स्थल पर किसी भी तरह का खनन न किए जाने के निर्देश दिए। इस धर्म स्थल से लगे अन्य खनन स्थलों को भी प्रतिबंधित किए जाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने सिद्धा को लेकर घोषणा करते हुए कहा कि चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र है, जो अधूरी है।
अन्तर्गत सिद्धा पहाड़ के लिए पैदल पथ, फेंसिंग और भगवान राम की मूर्ति स्थापना की जाएगी। इस घोषणा को शासन ने 809 वां क्रमांक देते हुए इसे ए प्लस श्रेणी में शामिल किया। अर्थात यह अति महत्वपूर्ण घोषणा
सिद्धा को भूला शासन-प्रशासन, न पथ बना न मूर्ति पर कोई निर्णय-आंचलिक ख़बरें-मनीष गर्ग

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