खबर अमेठी से है जहां संग्रामपुर थाना के बगल स्थित संग्रामपुर ब्लॉक परिसर के जर्जर भवन मे एक युवक की फंदे से लटकती हुई लाश मिली। ब्लॉक परिसर लकड़ी कटाई का कार्य कर रहे मजदूरों को काफी देर से दुर्गंध आ रही थी। दुर्गंध जब बर्दाश्त के बाहर हो गई तब मजदूरों ने उस ओर खोजबीन शुरू करते हुए परिसर में स्थित जर्जर भवन के बंद कमरे की तरफ गए। कमरे में फंदे से लटकती हुई लाश सड़ी गली अवस्था में दिखाई पड़ा जिसकी सूचना बगल स्थित थाना पर दी गई।*
सूचना पर संग्रामपुर पुलिस व ग्राम प्रधान रज्जू उपाध्याय के साथ सैकड़ों ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंचे। घटना की सूचना आग की तरह क्षेत्र में फैली तो भीड़ बढ़ने लगी। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवा कर नीचे किया तो शव की पहचान हो गई। मृतक अनिकेश गुप्ता 20 वर्ष पुत्र बंशीलाल गुप्ता निवासी भौसिंह पुर का निवासी था और बीते 4 अप्रैल को शाम 4 बजे कालिकन धाम के दर्शन के लिए गया अनिकेश घर वापस नहीं लौटा था। अनिकेश के मृत होने की सूचना उसके घर पहुंचते ही परिजन मौके पर पहुंचे और मृतक की पहचान अनिकेष के रूप में की।
पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर पंचनामा करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। उधर अनीकेश की मौत को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है और मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या कर फंदे से लटकाए जाने की बात की जा रही है। बताया जाता है कि 14 दिन पहले शाम को घर से जाने के बाद अनिकेश वापस नहीं लौटा था तब से लेकर परिजन रिश्तेदारों और परिचितों के यहां ढूंढ कर थक चुका था। परिजनों के अनिकेश की गुमशुदगी को लेकर संग्रामपुर थाना पर 6 अप्रैल को तहरीर भी दी थी लेकिन पुलिस ने अनसुना करते हुए गंभीर लापरवाही बरती। परिजनों ने संग्रामपुर पुलिस पर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय रहते पुलिस चौकस हो गई होती तो अनिकेश की जान शायद न जाती। अनिकेश को मार कर लटका दिया गया है।
आपको बता दें कि पिछले महीने अमेठी कोतवाली क्षेत्र के राजापुर गुंगवाछ गांव में पुलिसिया लापरवाही के कारण एक ही परिवार के 4 लोगों की जान चली गई थी और 3 बुरी तरह से घायल हुए थे जिनका इलाज आज भी चल रहा है। यहां भी समय से कार्यवाही की गई होती तो 4 लोगों को मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सकता था। घटना घट गई बाद में पुलिस लकीर पीटती नजर आई थी और वही लापरवाही संग्रामपुर थाने से भी नजर आई।