शिवप्रसाद साहू
सिंगरौली/- सरई थाना अंतर्गत महुआगांव,निवास,हर्दी में लंबे अर्से से फल-फूल रहे देसी विदेशी शराब के अवैध कारोबार से क्षेत्र की युवा पीढ़ी ही नहीं बल्कि किशोरावस्था आठ, दस,बारह साल उम्र के बच्चे भी नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं किंतु जिम्मेदार अमला शराब माफिया से सांठगांठ कर अपना जेब भरने में लगा है।सूत्रों की मानें तो जानकारी के अनुसार धौहनी विधानसभा सरई थाना अंतर्गत महुआगांव पोडी ढावा हो या फिर चाहे महुआगांव देशी-विदेशी दूकान के इर्द-गिर्द एवं निवास बजार हो या हर्दी गांव रेलवे-स्टेशन निवास पर क्यों न हो हर जगह खुल्लमखुल्ला चल रहा अवैध तरीके से शराब की बिक्री।लगभग प्रत्येक गांव की गली मोहल्लों में विगत कई महीनों से देशी और विदेशी शराब की खेप पहुंचाई जा रही है जहां खुलेआम बिक्री कर गांव के युवाओं को नशेड़ी बनाने का षड्यंत्र चल रहा है जिसके पीछे शराब माफिया की मंशा है कि ज्यादा से ज्यादा आबादी नशे कि आदी हो जाए और क्षेत्र में शराब की खपत में इजाफा हो,जबकि शराब माफिया की इस मंशा को जिला आबकारी व पुलिस विभाग शायद भाप नहीं पा रहा और उसके इस अवैध कारोबार को बंद कराने के बजाय नजरअंदाज किया जा रहा है।
यह बता दें कि शराब ठेकेदार द्वारा मार्च के बाद से बाइक व बोलेरो के द्वारा शराब की खेप गांव गांव में में छोटी-छोटी दुकानों में पहुंचाई जाती है।गौरतलब हो कि जिला प्रशासन का निर्देश भी निवास चौकी में बेअसर दिखाई दे रहा है।वहीं मानें तो आबकारी विभाग जिला मुख्यालय से 100 किलोमीटर दूर निवास, महुआगांव आना उचित नहीं समझते।हां आएगें भी क्यों,क्योंकि आज कल फोन पर भी हाल चाल मिल जाता है। एमआरपी रेट से ज्यादा में बिक रही शराब से ग्राहक तो ठगी के शिकार हो रहे।वहीं दूकान संचालक और ग्राहक के बीच तू तू मैं मैं आए दिन होता रहता है।वहीं प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो वायरल था जिसमें वो साफ कह रहे है की सभी अधिकारी सुन लें सम्बन्धित विभाग की समाचार खबरें सोशल मीडिया में जो छप रही हैं तो विभाग के अधिकारी जांच करें।सत्य है तो सम्बन्धित कार्यवाही करें और गलत है तो खंडन।इसका मतलब यह नहीं कि हमें क्या लेना देना शिवराज जाने।यह आपकी सबकी जिम्मेदारी है नहीं तो हम देखेंगे अच्छे से।अफशोस है कि कई बार समाचार खबरों में प्रकाशित के बाद भी सिंगरौली जिले के आला अधिकारियों को कोई फर्क पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है।यही कारण है कि नशा कारोबारियों का तंत्र उक्त क्षेत्र में दिन पर दिन अपने पांव पसार रहा है।