पिछले 24 घंटे में नगर निगम में अचानक कई तरह के बदलाव होते नजर आए. सोमवार को जहां मस्टर कर्मियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई और सफाई कर्मियों के हड़ताल पर जाने के एलान के बीच महापौर होते-होते पास पलटता दिखाई दिया. सेवा में वापस लिए गए कर्मचारियों ने ढोल-नगाड़े के साथ माला पहनाकर महापौर का सम्मान कर दिया.
निगम से यह जानकारी सामने आ गई कि महापौर के निर्देश पर निगमायुक्त द्वारा गठित की गई। जांच समिति का प्रतिवेदन मिलने पर कुल 31 मस्टर श्रमिकों की सेवा समाप्त कर दी गई.
घिरते नजर आए, ननि के 48 सफाई कर्मियों लिया गया. यह वहीं मंगलवार को सेवा में वापस लिए जाने सभी कर्मचारी पर जताई प्रसन्नता
सफाई मजदूर कांग्रेस के जिला व नगर अध्यक्ष द्वारा सोमवार को इस बात का एलान कर दिया गया था कि अगली सुबह शहर में न झाड़ू लगेगा और न ही कचरा उठेगा. सफाई कामगारों के हित में 8 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन को निगमायुक्त राजेश साही को सौंपा गया था. लेकिन सोमवार की शाम तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. जिसके चलते अगले दिन से हड़ताल का एलान कर दिया गया. इस घटनाक्रम के कुछ देर बाद ही
इसी कड़ी में 107 स्वच्छता संरक्षकों को नाटिस जारी कर जवाब मांग बिना किसी सूचना के लंबे समय से कार्यस्थल से नदारद थे. लेकिन इन कर्मचारियों के अलावा कुल 48 कर्मचारी ऐसे रहे जिनके जवाब समाधानकारक पाए गए. लिहाजा उन्हें सेवा में वापस ले लिया गया. नगर निगम द्वारा लिए गए इन फैसलों का सीधा असर यह रहा कि कुछ ही देर में पासा पलटता नजर आने लगा. मंगलवार की सुबह हड़ताल वापस ले ली गई. इतना ही नहीं बल्कि शाम होने पर आधा सैकड़ा से अधिक सफाई कर्मचारी ढोल नगाड़ों के साथ ननि कार्यालय पहुंच गए. सेवा में वापस लिए गए 48 कर्मचारियों ने हंसी- खुशी माला पहनाकर सतना महापौर योगेश ताम्रकार का सम्मान किया.
ढोल-नगाड़ों के बीच महापौर कमिश्नर का सम्मान-आंचलिक खबरें-मनीष गर्ग

Leave a Comment Leave a Comment