संत रविदास जयंती के पावन अवसर पर शारदा समूह द्वारा बाडकुआॅ स्थित परिसर में नव निर्मित भवन ‘वाल्मिक’ का लोकार्पण शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव माननीय अतुल कोठाराी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री माननीय प्रफुल्ल आकांत, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री माननीय चेतस सुखाडीया, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की भूतपूर्व सदस्य सुश्री शोभा पैठनकर, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी श्रीमती सुरज गुमानसिंह डामोर की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ। शारदा समूह विगत तीस वर्षो से इस वनवासी अंचल में शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र मे एक विश्वसनीय नाम बन गया है। समूह द्वारा प्री-प्राइमरी से लेकर पीजी तक की शिक्षा सुविधा क्षेत्र मे उपलब्ध कराई जा रही है। इस अवसर पर समूह द्वारा 10 वर्ष से अधिक समय तक सेवा देने वाले समस्त शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक सहयोगियो का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशेष अतिथि प्रफुल्ल आकांत ने कहा की संस्था ने आज जिन शिक्षको का सम्मान किया है उनमें से कई ऐसे हे जो 25 वर्षो से संस्था से जुडे है, ये शिक्षा के प्रति आपके समर्पण को प्र्रकट करता है और निश्चित ही आपका यह कार्य तपस्या के तुल्य है आपकी तपस्या को मे प्रणाम करता हूॅ। मुख्य अतिथि अतुल कोठारी ने कहा कि माननीय प्रधाानमंत्री जी ने भारत को आत्म्निर्भर बनाने का आव्हान किया है, लेकिन देश को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य वास्तविक अर्थो में तब ही संभव हो सकता है जब देश के छात्र आत्मनिर्भर हो जाएं। आपने शारदा समूह के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है अब आप केा अपने उपलब्ध संसाधनों के साथ ही अपने छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने कि दिशा में प्रयास प्रारंभ करना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समूह के निदेशक ओमप्रकाश शर्मा ने बताया की क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की अवधारणा को लेकर इस समूह की स्थापना की गई थी। अभी हम समूह के माध्यम से शिक्षा एवं स्वास्थ्य के साथ-साथ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के क्षेत्र मे भी कदम बढा रहे है। इसके साथ ही युवतियों केा आत्मरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के ध्येय से एक विशेष कार्यक्रम ‘तेजस्विनी’ प्रारंभ किया है जिसके अंतर्गत समूह में अध्ययनरत छात्राओं केा विभिन्न परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के लिए आवश्यक शारीरिक गुर प्रशिक्षित केाच के माध्यम से सिखा कर उन्हें स्वयं के घर के आसपास रहने वाली युवतियों को भी इन्ही सब का प्रशिक्षण देने के लिये प्रेरित किया गया, इससे उनकी शारीरिक क्षमताओं के साथ ही उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई और ऐसा विश्वास है कि शीघ्र ही सुपूर्ण जिले में इस का प्रभाव देखने को मिलेगा। इन प्रयासो के कारण निश्चित ही जिले में महिलाओं के बारे में आम धारणा एवं व्यवहार को बदलने में भी सफलता मिलेगी। उन्होनें आगे बताया की समूह ने आगामी तीन वर्षो में अंचल के 1000 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं केा निःशुल्क शिक्षा देने का लक्ष्य तय किया है। और इसके लिये समूह द्वारा ‘शारदा प्रतिभा खोज’ परीक्षा का अयोजन व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।
कार्यक्रम का सफल संचालन संस्था के अथर्व शर्मा ने किया।