क़ाज़ी अज़मत [विशेष संवाददाता]
मौदहा हमीरपुर। राज्य सरकार का कुपोषण और संचारी रोगो के सफाई का अभियान चलाने का प्रचार प्रसार चरम पर है। किन्तु रोगो से जुडे मुददों पर ही ध्यान नही दिया जा रहा , यह भी एक विडम्बना है और इस समस्या से जुडा विभाग जिले का खादय एवं औषधी प्रशासन अपनी खाऊ कमाऊ नीति के चलते चलते कुम्भकरणीय नींद सोया है।
नगर मे दूध के दामो पर भारी मुनाफा खोरी के चलते नगर की एक मात्र दूध डेयरी मे पैकेट बन्द दूध से भी मंहगा 60रू प्रति लीटर तथा नगर मे देहातो से आने वाले दूधिये भी सपरेटा और पानी मिलाकर भी 50रू प्रतिलीटर बेचा जा रहा है। वही कोढ मे खुजली बनकर जनपद कानपुर नगर व घाटमपुर के दूध व्यापारी भी इस मुनाफाखोरी मे कूद पडे है। नगर के नौनिहालों के मुंह से शुद्व दूध छीनकर मोटी कमाई के चक्कर मे दूध किसानो से सीधा 35 से 40 रू लीटर 65 प्रतिशत फैट के हिसाब से खरीद रहे है। जिससे प्रतिदिन लगभग दो हजार लीटर दूध की कमी शहर मे होने लगी है। सबसे मजेदार बात यह है कि उक्त दूध व्यापारी बिना किसी लायसन्स और बिना किसी अनुमति के शहर के बाहर मीरा तालाब मे ईदगाह के पास से दूधियों व किसानो से खरीदकर वहीं से चुपचाप बाहर ही बाहर निकल जाते है। जिससे भविष्य मे दूध की भारी किल्लत के साथ मिलावटखोरी का कारोबार और बढने की सम्भावना से भी इन्कार नही किया जा सकता किन्तु जिले का खादय सुरक्षा विभाग कुम्भकरणीय नींद से जागने को तैयार नही।