सैय्यद जाहिद अली रियासत
मुंबई। अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ की नीति के विरोध में मुंबई भाजपा हॉकर्स यूनिट ने एक स्पष्ट रुख अपनाया है। यूनिट के अध्यक्ष एवं मुंबई के पूर्व उप महापौर श्री बाबूभाई भवानजी ने घोषणा की है कि 15 सितंबर को दादर (पूर्व) स्थित सेंट्रल रेलवे स्टेशन के समीप शाम 5 बजे अमेरिकी ब्रांडेड उत्पादों की प्रतीकात्मक “होली” जलाई जाएगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अमेरिकी आर्थिक दबाव के खिलाफ जनता में जागरूकता फैलाना और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश देना है।
व्यापारिक प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय समर्थन
इस आर्थिक विवाद की शुरुआत अमेरिका द्वारा भारत पर रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर लगाए गए 50% टैरिफ से हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “दबाव में न झुकने” के रुख का व्यापारिक समुदाय ने समर्थन किया है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) ने अमेरिकी उत्पादों के बहिष्कार की शुरुआत की है, जिसमें कोका-कोला, पेप्सी, मैकडॉनल्ड्स, डोमिनोज, एप्पल, नाइकी और स्टारबक्स जैसे प्रमुख ब्रांड शामिल हैं।
बहिष्कार की रणनीति और जनभागीदारी
व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री श्री राजेंद्र गुप्ता ने इस अभियान की शुरुआत बरेली से की, जो rapidly अन्य राज्यों में फैल रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन ब्रांड्स की सूचियाँ साझा की जा रही हैं और उपभोक्ताओं से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया जा रहा है। श्री भवानजी ने कहा, “यह देशभक्ति का विषय है। हम सरकार से अमेरिकी उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आग्रह करते हैं।”
राष्ट्रीय आर्थिक संप्रभुता का संदेश
यह आंदोलन केवल उत्पाद बहिष्कार तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की आर्थिक स्वतंत्रता और वैश्विक नीतियों पर स्वयं के निर्णय लेने के अधिकार का प्रतीक है। श्री भवानजी ने जोर देकर कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मामलों में किसी भी तरह के दबाव में नहीं झुकेगा।
एकजुटता की अपील
भाजपा हॉकर्स यूनिट ने सभी देशभक्त नागरिकों से 15 सितंबर के कार्यक्रम में सहभागिता का आह्वान किया है। यह घटना न केवल आर्थिक नीतियों पर प्रतिक्रिया है, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक हैसियत और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त संकेत भी है। अमेरिकी टैरिफ नीति के खिलाफ यह जनआंदोलन भारत की आर्थिक संप्रभुता के लिए एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।
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