एमसीबी नवीन जिला महेंद्रगढ़ की स्वास्थ्य सुविधा का हाल बेहाल

News Desk
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लोकेशन..मनेंद्रगढ़

रिपोर्टर..दीपक विश्वकर्मा

लचर स्वास्थ्य सुविधा का हाल बेहाल एमसीबी नवीन जिला महेंद्रगढ़ के स्वास्थ्य सुविधा की स्थिति इतनी खराब है कि, आज भी सोनोग्राफी के लिए जाना पड़ रहा बाहर सरकारी अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी, और अस्पताल में डॉक्टरों के बैठने के लिए और मरीज का इलाज करने के लिए चेंबर की कमी, एक ही चेंबर में 33 डॉक्टर मरीजों का कर रहे इलाज. मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल है बेहाल. हालात यह है कि, यह ना तो कोई स्त्री रोग विशेषज्ञ है, और ना ही कोई रेडियोलॉजिस्ट. इसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मनेंद्रगढ़ शहर की बात करें तो, यहां केंद्र सरकार का केंद्रीय चिकित्सालय और राज्य सरकार का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दो बड़े अस्पताल हैं, मगर दोनों ही जगह पर यहां पद खाली पड़े हैं, मिनी रत्न कहा जाने वाली कंपनी एसईसीएल का केंद्र चिकित्सालय जो मनेंद्रगढ़ में आमा खेरवा में स्थित है. जहां कोयला कामगारों और उनके परिवार के लिए खोले गए, इस चिकित्सालय में 7 साल से सोनोग्राफी मशीन रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण, सोनोग्राफी जैसी महत्वपूर्ण सुविधा बंद पड़ी है. वही 1 साल से अधिक समय से स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है, कोयला उत्पादन कर करोड़ों रुपए कमाने वाली कंपनी का क्या हाल है, जिसके चलते इस कंपनी में काम करने वाले श्रमिकों और उनके परिजनों को परेशानी हो रही है. वही मनेंद्रगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी कई साल से सोनोग्राफी नहीं हो पा रहा है. वही 2 साल से कोई गायनो लॉजिस्ट यहां नहीं है, जिसके चलते लोग निजी डॉक्टरों को छोड़ दी जाए तो पूरे क्षेत्र में कहीं भी सुनो ग्राफी की सुविधा नहीं है. जिसके कारण यहां के लोगों की सोनोग्राफी कराने बाहर जाना पड़ रहा है ।

इस संबंध में प्रभारी स्त्री फाउंडेशन की अध्यक्ष रशिम सोनकर ने सरकार से इस और ध्यान देकर सुविधा देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि, सुरक्षित प्रसव हर महिला का अधिकार है, ऐसे में सुविधाओं के अभाव में उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है. केंद्र और राज्य सरकार दोनों के अस्पतालों में ना तो गायनोलॉजिस्ट है, और ना ही रेडियोलॉजिस्ट. ऐसे में लोगों को सुविधा नहीं मिल रहा है. और लोग परेशान हो रहे हैं ।

इस संबंध में सीएचएमओ डॉ सुरेश तिवारी ने कहा कि, एक निजी अस्पताल के जांच के बाद वहां सोनोग्राफी मशीन सील कर दी गई है, वहीं एक अस्पताल संचालक ने स्वयं बंद कर दी है, जिसके बाद शहर में सोनोग्राफी सुविधा बंद हो गई है ।

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