झाबुआ के कुरैशी कपाउंड में गौ-माता द्वारा दिया बछड़ा
कमजोर पैदा होने से बीमार होने पर युवा गौ-रक्षको ने दिया जागरूकता का परिचय
वरिष्ठ पशु चिकित्सक को बुलवाकर परीक्षण बाद नगरपालिका के वाहन से सद्गुरू गौशाला छुड़वाया
झाबुआ। शहर के कुरैषी कपाउंड में 19 जनवरी को दोपहर करीब 1 बजे गौ-माता ने बछड़े को जन्म दिया। बछड़ा देखने पर ही कमजोर लगने एवं गर्दन टेड़ी होने से बीमार अवस्था में दिखाई देने पर आसपास के रहवासी एवं युवा गौ-रक्षकों ने मद्द करते हुए बछड़े के उपचार हेतु वरिष्ठ पशु चिकित्सक डाॅ. रमेश भूरिया को मौके से सूचना दी। पशु चिकित्सक द्वारा उपचार बाद उसे नगरपालिका के वाहन से सद्गुरू गौषाला छोड़ा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुरैशी कपाउंड में दोपहर में एक गौ-माता की डिलेवरी होने पर बछड़ा कमजोर होने पर बीमार अवस्था में जब आसपास के रहवासियों एवं दुकानदारों ने देखा तो सभी मद्द के लिए आगे आए। इस दौरान मौके पर मौजूद युवा दिव्यांषसिंह ठाकुर, राजवंषसिंह चैहान, गुफरान कुरैषी, मोहित सादेरा, आयुष डामोर, आनंद भाबोर आदि ने बछड़े के उपचार हेतु वरिष्ठ पशु चिकित्सक डाॅ. रमेष भूरिया को मोबाईल पर सूचना दी।
काफी देर तक गौ-माता की तलाष की गई
बाद पशु चिकित्सक डाॅ. भूरिया ने तत्काल ही पहुंचकर परीक्षण करने पर बछड़ा कमजोर होकर गर्दन टेड़ी होने से उसे गाय का दूध पिलाने की बात कहीं, लेकिन गौ-माता द्वारा बछड़ा देने के बाद पास स्थित जंगल में चले जाने से काफी देर तक युवा समूह बनाकर गौ-माता को तलाषते रहे। डाॅ. भूरिया द्वारा बछड़े को गाय को उबला ताजा थैली का दूध पिलाने के परामर्ष के साथ उसकी सुरक्षा के मद्देनजर सद्गुरू गौशाला में भिजवाने हेतु कहा। इसी बीच गौ-माता भी अपने बछड़े के लिए बिलखती नजर आई।
नगरपालिका के वाहन से सद्गुरू गौशाला छोड़ा गया
जिस पर नगरपालिका के लोक निर्माण शाखा प्रभारी सुशील वाजपेयी को मोबाईल से सूचना देने पर पशु वाहन भिजवाया गया। बाद नपा के जमादार राकेश कटारा एवं नपा के अन्य कर्मचारियों और सभी युवाओं के सहयोग से बछड़े को पशु वाहन से सद्गुरू गौशाला ले जाकर वहां छोड़ा गया। इस दौरान मौजूद गौशाला के प्रबंधक मनीष सोनी से उक्त बछड़े की देखरेख रूवरूप नियमित गौ-माता का दूध पिलाने तथा आहार का ध्यान रखने का परामर्ष पशु चिकित्सक डाॅ. भूरिया ने दिया।
पशु चिकित्सक डाॅ. भूरिया ने बताया कि फिलहाल बछड़ा थोड़ा बीमार है, लेकिन यदि उसे गौ-माता का नियमित दूध मिलेगा और समुचित देखरेख होगी, तो वह जल्द ही स्वस्थ हो जाएगा। साथ ही उन्होंने काॅलोनी के रहवासियों और युवाओं के उक्त कार्य की सराहना भी की।