इफ्तेखार हुसैन का कांग्रेस आलाकमान को पत्र

Anchal Sharma
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iftikhar hussain

राजीव गांधी से दिग्विजय सिंह तक पार्टी की जनसमर्थक विचारधारा और विरासत का उल्लेख

डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इफ्तेखार हुसैन ने कांग्रेस आलाकमान को एक विस्तृत और विचारोत्तेजक पत्र लिखते हुए पार्टी की ऐतिहासिक विरासत, मूल विचारधारा और जनसमर्थक नीतियों को मजबूती से सामने रखा है। पत्र में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी से लेकर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह तक के योगदान का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की सहिष्णु, समावेशी और जनहितकारी राजनीति की परंपरा को रेखांकित किया है।

सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रम का जवाब

इफ्तेखार हुसैन ने अपने पत्र में सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर दिग्विजय सिंह के खिलाफ फैलाए जा रहे भ्रम, सवालों और आरोपों का तथ्यों के आधार पर करारा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा आमजन, गरीब, अल्पसंख्यक, वंचित और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और यही उसकी मूल पहचान रही है।

नेहरू युग से लोकतांत्रिक उदारता की मिसाल

पत्र में आज़ादी के बाद के दौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने लिखा कि राष्ट्र निर्माण के समय पंडित जवाहरलाल नेहरू ने विचारधारात्मक मतभेदों से ऊपर उठकर देशहित में सभी को साथ लेकर चलने की भावना दिखाई। उन्होंने जनसंघ के नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को अपने मंत्रिमंडल में स्थान दिया, जो कांग्रेस नेतृत्व की उदारता और लोकतांत्रिक सोच का उदाहरण है।
इसी तरह, अटल बिहारी वाजपेयी को संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का पक्ष रखने के लिए भेजा जाना और उनके अस्वस्थ होने पर राजीव गांधी द्वारा इलाज के लिए अमेरिका भेजने का निर्णय कांग्रेस नेताओं की राजनीतिक शालीनता और बड़प्पन को दर्शाता है।

अटल बिहारी वाजपेयी की प्रशंसा का प्रसंग

इफ्तेखार हुसैन ने यह भी उल्लेख किया कि जब अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार लोकसभा में प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रख रहे थे, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने मुक्तकंठ से उनकी प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यही वह राजनीतिक संस्कृति है, जिसने कांग्रेस के नेताओं को महान बनाया।

राजीव गांधी का आधुनिक भारत का विजन

स्वर्गीय राजीव गांधी के कार्यकाल पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने आधुनिक सोच, तकनीकी विकास, कंप्यूटरीकरण, दूरसंचार क्रांति और पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त कर देश को 21वीं सदी की ओर अग्रसर करने की मजबूत नींव रखी। संगठनात्मक स्तर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। उस समय मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में दिग्विजय सिंह के प्रयासों से ये प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू हुए।

संगठनात्मक मजबूती की जरूरत

पत्र में इफ्तेखार हुसैन ने संगठनात्मक कमजोरियों की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई और अन्य प्रकोष्ठों को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय करने की आवश्यकता है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह भावनात्मक मुद्दों और धार्मिक ध्रुवीकरण के माध्यम से संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास कर रही है, जिसका मुकाबला कांग्रेस को अपनी वैचारिक मजबूती से करना होगा।

दिग्विजय सिंह के कार्यकाल का उल्लेख

मध्यप्रदेश की राजनीति में दिग्विजय सिंह के योगदान को रेखांकित करते हुए इफ्तेखार हुसैन ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता, सद्भाव और कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। उन्होंने हमेशा कांग्रेस की मूल विचारधारा के अनुरूप जनता के बीच रहकर शासन किया और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का प्रयास किया।

देवेंद्र (देवेश) सिंह परिवार के समर्पण की सराहना

पत्र में देवेंद्र (देवेश) सिंह और उनके परिवार के कांग्रेस के प्रति समर्पण का भी उल्लेख किया गया। इफ्तेखार हुसैन ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने गांधी-नेहरू विचारधारा के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी, जो पार्टी के लिए प्रेरणास्रोत है।

आलाकमान से विशेष आग्रह

इफ्तेखार हुसैन ने कांग्रेस आलाकमान से आग्रह किया कि पार्टी की ऐतिहासिक सोच, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहितकारी नीतियों को आगे बढ़ाते हुए जमीनी कार्यकर्ताओं को और अधिक मजबूत किया जाए। उन्होंने संगठनात्मक एकता, आपसी समन्वय और जनता से सीधा संवाद बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

कांग्रेस के भविष्य को लेकर भरोसा

अंत में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस अपनी सशक्त विचारधारा, अनुभवी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर एक बार फिर जनता का भरोसा जीतने में सफल होगी। कांग्रेस आलाकमान को लिखा गया यह पत्र इन दिनों पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे कांग्रेस की वैचारिक स्पष्टता व संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।

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