मौलाना तौकीर ने बुधवार को ज्ञानवापी प्रकरण पर फिर एक बयान जारी कर कहा कि ज्ञानवापी प्रकरण केंद्र सरकार की महंगाई, बेरोजगारी, गिरती जीडीपी और रुपये के अवमूल्यन से जनता का ध्यान हटाने की साजिश है। ज्ञानवापी मस्जिद में कोईशिवलिंग नहीं मिला है। जिसे शिव लिंग बताकर प्रचारित किया जा रहा है, वह मस्जिद की हौज में लगे फाउंटेन काहिस्सा है। पूरे देश की बड़ी मस्जिदों, बड़े भवनों, सिविल पार्कों और राष्ट्रपति भवन के गार्डन में इस तरह के फाउंटेन हैं। कुछ हिंदू संगठन ज्ञानवापी के फाउंटेन को शिवलिंग मान रहे हैं तो बेहतर होगा कि सभी फाउंटेन को सील कर उनकी जांच कराई जाए।
मौलाना ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद में हौज के फव्वारे को शिवलिंग बताकर प्रचारित करना आरएसएस और भाजपा की 2024 की चुनावी तैयारी का हिस्सा है। उन्होंने मीडिया को मस्जिदों, पार्को और राष्ट्रपति भवन में लगे फाउंटेन के फोटो जारी कर कहा कि अगर ज्ञानवापी मस्जिद का फव्वारा शिवलिंग है तो हर मस्जिद में लगा फव्वारा शिवलिंग है। मस्जिदों के फव्वारे को शिवलिंग बताकर हिंदू मुस्लिमों के बीच नफरत की दीवार खड़ी करने की कोशिश की जा रही है। मस्जिदों पर कब्जे करने की कोशिश से बेहतर है कि एक बार खोदाई करके शिवलिंग और फव्वारे के बीच फर्क को जान लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस विवाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि खराब हो रही है।
मौलाना तौकीर देश के हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुचा रहे है
आईएमसी प्रमुख के बयान आने के बाद भाजपा के जिला उपाध्यक्ष चौधरी सम्राट सिंह ने मौलाना तौकीर रजा पर आपत्तिजनक बयान देने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने तहरीर में मौलाना तौकीर को अपने बयान मे आरएसएस को बंटवारे का जिम्मेदार बताने और बाबरी मस्जिद प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट पर उंगली उठाने का आरोप लगाया है। भाजपा नेता ने कहा है कि तौकीर ने वाराणसी में ज्ञानवापी प्रकरण पर हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए देश के बंटवारे का उल्लेख किया है।