नवमी के दिन रात भर गरबा का आयोजन शहर भर में होता रहा। झाबुआ के अंबे माता मंदिर राजवाड़ा चौक विवेकानंद कॉलोनी कालका माता मंदिर राजगढ़ नाका, सभी जगह माता रानी के विसर्जन तक भक्त गरबे खेलते रहे। संगीत में आर्केस्ट्रा के सुमधुर संगीत पर गरबा पांडाल में, हर कदम थीरक रहे थे। पूरा शहर लाइटों से जगमग आ रहा था। राजवाड़ा मित्र मंडल द्वारा राजवाड़े को भी आकर्षक लाइटों से सजाया गया था। अंबे माता के दरबार के सामने त्रिवेणी परिवार द्वारा, अंबे माता के मंदिर और पांडाल को जगमग लाइटों से सजाया गया ।गरबा खेलने वालों के साथ साथ गरबा देखने वाले भी सुबह तक गरबो का आनंद लेते रहे। विवेकानंद कॉलोनी में सर्वोदय कला मंडल द्वारा, हर दिन माता की मूर्ति का आकर्षक श्रृंगार किया गया। पूरे शहर में 9 दिनों तक चले गरबा आयोजन ने पूरे शहर को माता की भक्ति का लीन कर दिया। बच्चे, युवा, महिलाएं पुरुष सभी ने उत्साह के साथ 9 दिनों के पर्व को, भक्ति में बना दिया, और आखिरी दिन माता रानी की विदाई तक गरबा का आयोजन होता रहा.