सिंगरौली /मध्य-प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा आयोजित शंकराचार्य जयंती जिला पंचायत सभागार में किया गया जिसमें मुख्य अतिथि देवसर विधानसभा के विधायक मननीय सुभाष वर्मा, कार्यक्रम के अध्यक्षता साकेत मालवीय जिला पंचायत सीईओ, एवं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पंडित बिपुल पांडे व्याकरणा चार्य, काशी विश्वविद्यालय वनारस, मुख्य अतिथियों के द्वारा शंकराचार्य की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन कर पुष्प अर्पित किया गया तत्पश्चात मंचासीन अथितियो का स्वागत जिला समन्वयक राज कुमार विश्वकर्मा द्वार पुष्प गुच्छ एवं वाणी से किया गया एवं कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, विधायक देवसर श्री सुभाष रमचरित्र वर्मा ने अपने उद्बोधन. व में शंकराचार्य जी के जीवन पर प्रकाश डाला, एवं डॉक्टर एनपी मिश्रा और पंडित जय पूजन शस्त्री अपने विचार रखे और जीवन पर प्रकाश डाला। तथा मुख्य वक्ता बिपुल पांडे के द्वारा जीवन और दर्शन विषय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शंकराचार्य एकमहान दार्शनिक और अद्वैतवाद के प्रतिपादक आदि शंकराचार्य का जन्म कलि युगाब्द 2631 संवत यानि 508 ईसा पूर्व केरल के कालड़ी गाँव में हुआ था।
अद्वैत वेदांत की परंपरा में शंकराचार्य को अवर्णनीय स्थान प्राप्त है, वेदों के अध्ययन को पुनर्स्थापित करने के लिए उन्होंने पूरे भारत की यात्रा की जिनकी शिक्षाएं और परंपरा कालांतर में स्मार्तवाद का आधार बनी।
शंकराचार्य ने सनातन संस्कृति को भगौलीक रूप से जोड़े रखने के लिए पश्चिम में शारदापीठम (द्वारिका पीठ), उत्तर में ज्योतिर्मठ पीठम (बद्रीनाथ), पूर्व में गोवर्धन मठ (पूरी) एवं दक्षिण में श्रिंगेरी मठ (कर्नाटक) की स्थापना कर अपने चार शिष्यों जो कि चार वर्णों से थे को अलग अलग वेद सौंप कर उन्हें मठाधीश नियुक्त किया।
आदि शंकराचार्य ने सुप्रसिद्ध ब्रह्मसूत्र भाष्य की रचना के साथ ही ग्यारह उपनिषदों एवं गीता पर भाष्यों की रचनाएं की।
उन्होंने ‘ब्रह्म ही सत्य है, जगत माया एवं आत्मा की गति मोक्ष में है के सिद्धांत को प्रतिपादित करते हुए दसनामी संप्रदाय की स्थापना की।
बहुत ही कम आयु में आदि शंकराचार्य ने केदारनाथ क्षेत्र में समाधि ली।
कार्यक्रम का सफल संचालन डा आर डी पंडे द्वारा किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अपर कलेक्टर डीपी वर्मन, सयुंक्त कलेक्टर बीपी पाण्डेय, एसडीएम ऋषि पवार, रामनरेस शास्त्री, रंजीत सिंह अधिवक्ता, अखिलेश दुवेदी, अवनीश दुवे, गजमोचन सिंह, शिवप्रसाद साहू, रचना सोनी, बृजेश शुक्ला, सुषमा वर्मा, सहित डाक्टर अधिवक्ता शिकक्षक समाजिक कार्यकर्ता प्रस्फुटन स्टुडेंट उपस्थित रहे।