26 डीआईजी बनाने वाले राज्य सरकार के प्रस्ताव को केंद्र से मंजूरी नहीं मिली-आंचलिक ख़बरें-मनीष गर्ग

News Desk
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केवल 15 खाली पदों पर ही एसपी को मिलेगा प्रमोशन
केंद्र सरकार ने प्रदेश में एसपी से डीआईजी पद पर प्रमोशन वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। राज्य सरकार ने खाली पदों की जगह डीआईजी ग्रेड में प्रमोशन पर एक बार के लिए 26 पदों की मंजूरी मांगी थी। केंद्र से स्पेशल डीजी के तीन, एडीजी के तीन, आईजी के दो पदों पर प्रमोशन को मंजूरी मिल गई है। जांच के कारण लिफाफा बंद होने की स्थिति में 15 पदों पर डीआईजी प्रमोट होंगे।
राज्य सरकार ने केंद्र से 16 खाली पदों के अलावा 10 डीआईजी के अतिरिक्त पद पर प्रमोशन का प्रस्ताव भेजा था। इससे वर्ष 2009 बैच के सभी आईपीएस डीआईजी बन सकते थे। इसी प्रस्ताव के मंजूर होने की उम्मीद में डीपीसी की गई थी। गृह मंत्रालय ने शासन को 28 नवंबर को जवाब भेजा है कि आईपीएस नियम (वेतन) 2016 के अनुसार
ये एसपी बन जाएंगे डीआईजी
नए साल में प्रमोशन के बाद एसपी तरुण नायक सागर, नवनीत भसीन रीवा, मुकेश कुमार श्रीवास्तव सीधी, मोनिका शुक्ला विदिशा, सुनील कुमार जैन कटनी, अवधेश गोस्वामी राजगढ़, डालूराम तेनीवार दमोह, अमित सांघी ग्वालियर, तुषारकांत विद्यार्थी निवाड़ी, सत्येंद्र कुमार शुक्ला उज्जैन, बीरेंद्र कुमार सिंह सिंगरौली और एसपी टीकमगढ़ प्रशांत खरे सभी डीआईजी के पद पर प्रमोट हो जाएंगे।
प्रदेश कैडर के आईपीएस अफसरों के खाली पदों को भरा जाए। खाली पदों से ज्यादा का नियम नहीं होने से 26 अफसरों को डीआईजी ग्रेड में प्रमोशन नहीं मिलेगा। प्रदेश में एक जनवरी से वर्ष 2009 बैच के आईपीएस अफसरों को एसपी से डीआईजी पद पर प्रमोशन मिलेगा। वर्ष 2010 बैच के अफसरों को सलेक्शन ग्रेड दिया जाएगा।

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